
जोधपुर .
रंगदारी के लिए शहर में व्यापारियों के ठिकानों पर गोलियां चलाने वाले लॉरेंस गैंग के हरेन्द्र उर्फ हीरा व काली को सात माह बाद भी जोधपुर पुलिस पकड़ नहीं पाई है, लेकिन उत्तराखण्ड के नैनीताल स्थित होटल से पकड़ में आए भैरो सिंह के बाद पुलिस का दावा है कि जल्द ही हरेन्द्र, काली व भोमाराम भी पकड़ में आ जाएंगे। पुलिस का मानना है कि बचने के लिए भागमभाग की हड़बड़ाहट व पुलिस को उलझाने के लिए वे व्यवसायी को धमका रहे हैं।
तकनीक की बजाय पुरानी पुलिसिंग से आएंगे पकड़ में
व्यवसायी, चिकित्सक व दुकानदारों को डरा-धमकाकर अवैध वसूली करने की फिराक में लॉरेंस व हार्डकोर कैलाश मांजू की गैंग संचार तकनीक के बलबूते पर पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। यही वजह है कि पिछले सात महीने से न तो कैलाश मांजू पकड़ में आ सका है और न ही हरेन्द्र, काली या भोमाराम विश्नोई का सुराग लग पाया है। एेसे में पुलिस ने पुराने तौर-तरीके आजमाने शुरू किए हैं। जिनमें सबसे बड़ा हथियार है मुखबिर का। हालांकि मोबाइल पर निर्भर रहने व आपसी खींचतान के चलते मुखबिर तंत्र गड़बड़ाया हुआ है।
भैरो सिंह व फरार आरोपियों के साथ होने की आशंका
वासुदेव इसरानी की हत्या के मामले में सरदारपुरा थाना पुलिस ने हनुमानगढ़ जिले में सदर थानान्तर्गत जोड़किया निवासी भैरोसिंह को रविवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां से उसे चार दिन के रिमाण्ड पर भेजने के निर्देश दिए गए। पुलिस को आशंका है कि भैरोसिंह के पकड़ में आने से पहले हरेन्द्र व भोमाराम भी उसके साथ थे, लेकिन वे पकड़ में नहीं आ सके। इसी के चलते पुलिस भैरोसिंह से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। पुलिस का दावा है कि उससे पूछताछ में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। थानाधिकारी भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने पर भैरोसिंह को चार दिन के रिमाण्ड पर भेजा गया है। पहले से रिमाण्ड पर चल रहे हरीश, नरपत उर्फ नरेश व विनोद उर्फ विक्की से भी पूछताछ चल रही है।
धमकी जांच शुरू, व्हॉट्सएेप से मांगी जानकारी
सदर बाजार थानाधिकारी गौतम डोटासरा ने बताया कि कुचामन की हवेली निवासी मुकेश सोनी को व्हॉट्सएेप कॉल और संदेश से पचास लाख रुपए मांगने व न देने पर दो दिन में जान से मारने की धमकी देने की जांच चल रही है। धमकी देने वाले हरेन्द्र उर्फ हीरा जाट के बारे में जानकारी लेने के लिए अमरीका स्थित व्हॉट्सएेप को मेल भेजा गया है।