Indian Railway News: इन दिनों आरक्षित कोचों में जबरन घुसे अनारक्षित टिकट धारकों को रेलवे सख्ती बरतकर जनरल डिब्बों में भेज रहा है।
Indian Railway News: अक्सर ट्रेनों में आरक्षित टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को जनरल टिकट लेकर बोगी में घुसने वाली भीड़ से परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार स्लीपर कोच में तो हालात ऐसे हो जाते हैं कि रिजर्वेशन कराकर यात्रा करने वाले यात्री टॉयलेट तक नहीं जा पाते। अब इस परेशानी से यात्रियों को निजात दिलाने के लिए रेलवे ने अभियान छेड़ा है। इन दिनों आरक्षित कोचों में जबरन घुसे अनारक्षित टिकट धारकों को रेलवे सख्ती बरतकर जनरल डिब्बों में भेज रहा है।
जोधपुर-वाराणसी ट्रेन में जोधपुर से वाराणसी जाने के लिए स्लीपर श्रेणी में बुकिंग करने पर वेटिंग चल रही है। एसी कोच में बुकिंग में भी वेटिंग मिल रही है। ऐसी ही स्थिति जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस में देखी जा रही है। बाड़मेर-ऋषिकेश ट्रेन के स्लीपर कोच में भी लम्बी वेटिंग चल रही है। वहीं जोधपुर-दिल्ली मंडोर, जोधपुर-बेंगलुरु,हिसार-सिकंदराबाद ट्रेनों में भी ऐसे ही हालात दिख रहे हैं।
पहले सामान्य टिकट पर जुर्माना वसूलकर यात्रियों को आरक्षित कोच में सफर करने दिया जाता था, लेकिन इन दिनों ऐसे यात्रियों को कोच से उतारा जा रहा है। जोधपुर मंडल रेलवे में अभियान के तहत गत 10 दिन में करीब एक हजार यात्रियों को जनरल कोचों में भेजा गया है। वहां पहले ही भीड़भाड़ रहती है।
जोधपुर से गुजरने वाली ज्यादातर ट्रेनों के जनरल कोच खचाखच भरे थे। टॉयलेट तक यात्री खड़े हुए थे। अंदर घुसने के लिए गेट पर ही यात्रियों को मशक्कत करनी पड़ रही थी। खासतौर पर महिला और बुजुर्ग यात्री परेशान होते नजर आए। यात्रियों से बात करने पर उन्होंने कहा कि रेलवे को ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या बढ़ानी चाहिए।