Indian Railway: उत्तर पश्चिम रेलवे पर अब तक 4772 किलोमीटर रेलखण्ड के विद्युतीकरण का काम पूरा हो चुका है। इसके फलस्वरूप उत्तर पश्चिम रेलवे पर 138 जोड़ी ट्रेनें विद्युत ट्रैक पर संचालित की जा रही हैं।
Indian Railway: जोधपुर-जयपुर रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन के पटरी पर दौड़ने का मारवाड़वासियों का सपना जल्द साकार होगा। रेलवे भी विद्युतीकरण (इलेक्ट्रिफिकेशन) के अपने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहा है। जोधपुर रेल मण्डल में अब केवल 25 किलोमीटर रूट पर इलेक्ट्रिफिकेशन का काम बाकी है। यह काम मण्डल के मकराना-फुलेरा रूट पर चल रहा है। यह काम पूरा होते ही पटरी पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। जोधपुर मण्डल में करीब 1626 में से करीब 1600 किलोमीटर रेल मार्गों का विद्युतीकरण हो चुका है।
इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन से पर्यावरण संरक्षण होगा। वहीं, यात्रियों के सफर में लगने वाला समय भी बचेगा। वर्तमान में डीजल इंजन से जयपुर के लिए चल रही ट्रेनें करीब 5 घंटे का समय ले रही हैं। वहीं, इलेक्ट्रिक ट्रेनों से जयपुर पहुंचने में करीब आधा घंटा कम समय लगेगा और यात्री करीब 4.30 घंटे में जयपुर पहुंच जाएंगे।
वहीं मंडोर सुपरफास्ट और रानीखेत एक्सप्रेस ट्रेनें बुधवार से 71 दिनों तक परिवर्तित मार्ग से चलाई जाएंगी। जोधपुर मंडल के डीआरएम पंकज कुमार सिंह के अनुसार गाड़ी संख्या 22995/96 दिल्ली- जोधपुर मंडोर सुपरफास्ट और गाड़ी संख्या 15013/14 जैसलमेर-काठगोदाम रानीखेत एक्सप्रेस ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। दोनों ट्रेनें 71 दिन तक परिवर्तित मार्ग वाया फुलेरा- रींगस- रेवाड़ी के रास्ते चलेंगी, जिससे जयपुर स्टेशन नहीं आ पाएंगी।
जोधपुर रेल मण्डल के मकराना-फुलेरा रेलमार्ग पर इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य प्रगति पर है। शेष काम पूरा होते ही पटरी पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ेंगी।
-विकास खेड़ा, सीनियर डीसीएम, जोधपुर रेल मण्डल