जोधपुर

Jodhpur News: सरकारी स्कूल में नवाचार की उड़ान, बच्चे बन रहे छोटे वैज्ञानिक

जोधपुर का राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय चैनपुरा विज्ञान, एआई और कोडिंग शिक्षा के कारण नई पहचान बना रहा है। यहां छोटी कक्षाओं के विद्यार्थी भी तकनीक और नवाचार से जुड़कर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं।

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Mar 08, 2026
फोटो- पत्रिका

जोधपुर। शहर का राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय चैनपुरा इन दिनों विज्ञान, एआई और कोडिंग के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। विद्यालय परिसर में प्रवेश करते ही विद्यार्थी विज्ञान मॉडल, कोडिंग और विभिन्न तकनीकी एप्लीकेशन पर काम करते नजर आते हैं।

सरकारी विद्यालय का यह माहौल किसी नवाचार केंद्र जैसा दिखाई देता है, जहां बच्चे छोटी उम्र से ही तकनीक और विज्ञान की समझ विकसित कर रहे हैं। यहां कक्षा 6 के विद्यार्थी भी कोडिंग सीख रहे हैं, जो राजकीय विद्यालयों में एक अनोखी पहल मानी जा रही है।

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वर्ष 2024-25 में राज्य स्तरीय विज्ञान मेले में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे। वर्ष 2025-26 में भी राज्य स्तरीय विज्ञान मेले में मॉडल को पुरस्कार मिला। खेलों में भी विद्यालय के विद्यार्थी आगे हैं। यहां निजी फाउंडेशन की मदद से कंप्यूटर साक्षरता कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति का भी ज्ञान दिया जा रहा है।

हमारी विरासत

यह विद्यालय 100 साल से अधिक पुराना है। यहां से पढ़े कई विद्यार्थी आज देश-विदेश में कार्यरत हैं। राजस्थानी शब्दकोष के लेखक पद्मश्री सीताराम लालस भी इस विद्यालय में शिक्षक रह चुके हैं। हाल ही में छात्र उज्ज्वल सोलंकी ने योगासन में एशियन चैंपियनशिप में भाग लिया। छात्र प्रियरंजन चारण ने कुश्ती में और छात्रा पूनम गहलोत ने एथलेटिक्स (हर्डल) में राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेकर विद्यालय का नाम रोशन किया है।

स्कूल की खासियत

  • विद्यालय में रोबोटिक्स लैब है, जहां बच्चे कोडिंग, एआई और विभिन्न एप्लीकेशन पर काम करते हैं।
  • प्रदेश के सबसे बड़े और उन्नत स्टेडियम में से एक इस स्कूल के पास स्थित है।
  • यहां एनसीसी एयर विंग मौजूद है और विद्यार्थियों को एनडीए की तैयारी भी करवाई जाती है।
  • जिले में यह एकमात्र विद्यालय है, जहां एग्रीकल्चर साइंस विषय संचालित है।

सरकार ध्यान दें

  • प्राइमरी स्तर पर शिक्षकों की कमी है।
  • स्कूल में करीब 750 विद्यार्थी हैं, लेकिन इसके अनुरूप कक्षा कक्षों की कमी है।
  • स्टेडियम का प्रशासनिक भार भी स्कूल प्रिंसिपल के पास है।
  • अमृतलाल स्टेडियम में स्टाफ की कमी बनी हुई है।

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स्कूल में फैकल्टी और सभी तरह की सुविधाएं मौजूद हैं। एनसीसी ने हमारे आत्मविकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

  • शुभम सिमार, 11वीं साइंस/मैथ्स

यहां शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी है, लेकिन विद्यालय का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति और भारत के गौरवशाली इतिहास के हर पन्ने से प्रत्येक विद्यार्थी को अवगत कराना है।

  • निमेष चारण, प्रिंसिपल

बोर्ड परिणाम

वर्ष - 12वीं- 10वीं
2020 - 100.00%- 100.00%
2021- 91.73%- 96.87%
2022- 97.29%- 98.44%
2023- 96.29%- 98.33%
2024- 100.00%- 99.18%
2025-100.00%- 98.00%

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