
IPS PD Nitya DCP Jodhpur: जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में ढाई महीने से रिक्त चल रहे डीसीपी पूर्व के पद को अब सरकार ने भर दिया है। पद पर जम्मू में एसएसपी रहीं आईपीएस अधिकारी को पोस्टिंग दी गई है। यह राजस्थान में उनकी पहली पोस्टिंग हैं और उनका कैडर मैरिज ग्रांउड पर बदला गया है। नई DCP का नाम हैं नित्या दुर्गा पोटलुरी यानी पी.डी.नित्या…। उन्होंने 25 नवम्बर को अपना पद ज्वाइन किया है और आते ही अपने इरादे साफ कर दिए हैं।
साउथ इंडियन परिवार से ताल्लुक रखने वालीं आईपीएस नित्या का जन्म छत्तीसगढ़ के भिलाई में हुआ। 1991 में जन्मी नित्या का शुरुआती जीवन और शिक्षा सिविल सेवाओं से बिल्कुल अलग थी। रायपुर से केमिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री लेने के बाद, उन्होंने सीमेंट कंपनी में नौकरी की। महाराष्ट्र के चंद्रपुर जैसे दूरस्थ औद्योगिक क्षेत्र में काम करने के अनुभव ने उन्हें ज़मीनी हकीकत से रूबरू कराया, जिसने राष्ट्र की सेवा के प्रति उनके जुनून को और बढ़ाया। कॉर्पोरेट करियर को अलविदा कहकर उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और 2015 बैच में शानदार 213वीं रैंक हासिल की।
आईपीएस अधिकारी नित्या को AGMUT यानी अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और सभी केंद्र शासित प्रदेश, कैडर मिला था। उनकी फील्ड पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर के सबसे संवेदनशील और रणनीतिक स्थानों पर रहीं। उन्होंने पुलिस स्टेशन राजबाग में अपनी प्रोबेशन पूरी की, जिसके बाद वह एसडीपीओ नेहरू पार्क श्रीनगर के रूप में तैनात रहीं। उनके करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण दौर तब आया जब उन्हें लेह में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और फिर कानून-व्यवस्था के लिहाज़ से अत्यंत संवेदनशील पुलवामा की एसएसपी बनाया गया। अपने संयमित नेतृत्व और क्षेत्र में सक्रियता के लिए जानी जाने वाली नित्या ने कश्मीर में अपने कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक परिश्रम और प्रभावी पुलिसिंग का बेहतरीन उदाहरण पेश किया।
साल 2022 बैच के आईपीएस अधिकारी पंकज यादव से हाल ही में विवाह के बाद गृह मंत्रालय ने पीडी नित्या का कैडर AGMUT से राजस्थान में स्थानांतरित कर दिया। राजस्थान में यह उनकी पहली फील्ड पोस्टिंग है। जोधपुर में कार्यभार संभालते हुए आईपीएस नित्या ने कहा कि उनका पहला अनुभव जम्मू.कश्मीर में कार्य करने का रहा है, जो राजस्थान से काफी अलग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पहली प्राथमिकता लोगों को बेहतर और प्रोफेशनल पुलिसिंग देना है, साथ ही ड्रग्स के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करना उनकी मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। खाली चल रहे डीसीपी ईस्ट के पद पर नित्या की नियुक्ति से उम्मीद है कि जोधपुर में पुलिसिंग को एक नई दिशा मिलेगी। केमिकल इंजीनियर से एक कड़क आईपीएस अधिकारी तक का उनका सफर वाकई हर मायने में एक बड़ी प्रेरणा है।
क्या होता है AGMUT कैडर : एजीएमयूटी कैडर IASऔर IPS अधिकारियों के लिए एक संयुक्त कैडर है। जिसमें अरुणाचल प्रदेश, गोवा और मिजोरम राज्य के साथ-साथ सभी केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं, जो गृह मंत्रालय कैडर नियंत्रण प्राधिकरण से संचालित होता है। यह राज्यवार कैडरों की तुलना में अलग होता है। केंद्र सरकार का गृह मंत्रालय ही इस कैडर में ऑफिसर्स का मैनेजमेंट देखता है। इस कैडर के नियमों के अनुसार ही तबादला, पोस्टिंग और कैडर बदलने का काम होता है।