जोधपुर

Jodhpur: जोधपुर में एनजीटी की सख्ती, जोजरी को ‘जहर’ से बचाने के लिए सबसे बड़ा एक्शन, 35 बीघा में गरजी 25 JCB

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों की सख्ती से पालना करते हुए प्रशासन ने लूणी क्षेत्र के भांडूकलां में अवैध रंगाई-छपाई और धुलाई इकाई पर बड़ी कार्रवाई की।

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Jan 03, 2026
कार्रवाई करती टीम। फोटो- पत्रिका

जोधपुर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों की सख्ती से पालना करते हुए जोधपुर जिले के लूणी क्षेत्र के भांडूकलां में अवैध रूप से संचालित रंगाई-छपाई और धुलाई की औद्योगिक इकाई पर प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

जोधपुर विकास प्राधिकरण और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस जाप्ते के साथ करीब 35 बीघा क्षेत्र में फैली इस अवैध इकाई को ध्वस्त कर दिया। देवेंद्र सिंह नामक व्यक्ति जोजरी नदी से सटी भूमि पर लंबे समय से इस इकाई का संचालन कर रहा था।

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10 अतिरिक्त जेसीबी मशीनें मंगवाई

जेडीए के अधिकारी और पुलिस जाप्ता सुबह करीब 8 बजे मौके पर पहुंचा, उस समय इकाई बंद मिली। इसके बाद अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई। जेडीए आयुक्त उत्साह चौधरी ने बताया कि इकाई का क्षेत्रफल काफी बड़ा होने के कारण मौके पर 10 अतिरिक्त जेसीबी मशीनें मंगवाई गईं। कुल 25 जेसीबी की मदद से पक्के निर्माण को ध्वस्त किया गया। यह कार्रवाई करीब 10 घंटे तक चली।

700 से अधिक कर्मचारी करते हैं कार्य

जेडीए उपायुक्त रामजी भाई कलबी और दिनेश मीणा ने बताया कि जब अवैध इकाई को ध्वस्त किया गया, तब आसपास के लोगों ने जानकारी दी कि यहां 700 से अधिक कर्मचारी कार्यरत थे। मौके से जब्त मशीनों को क्रेन की सहायता से हटाकर प्रदूषण नियंत्रण मंडल को सौंप दिया गया।

बिना उपचारित पानी सीधे जोजरी में जा रहा

जांच के दौरान सामने आया कि इन अवैध औद्योगिक इकाइयों में हजारों की संख्या में कपड़े धोने और रंगाई-छपाई की मशीनें संचालित की जा रही थीं। फैक्ट्रियों से निकलने वाला रसायनों से युक्त जहरीला और अत्यंत प्रदूषित पानी बिना किसी उपचार संयंत्र के सीधे जोजरी नदी में छोड़ा जा रहा था। लंबे समय से चल रहे इस प्रदूषण के कारण जोजरी नदी का अस्तित्व संकट में पड़ गया था। साथ ही आसपास के क्षेत्र की भूमि, भूजल और पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा था।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भी रहे मौजूद

पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व जेडीए के दो उपायुक्तों ने किया। इस दौरान एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह क्षेत्र पहले ही संवेदनशील पर्यावरणीय जोन घोषित किया जा चुका है, इसके बावजूद नियमों की अनदेखी कर अवैध औद्योगिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। एनजीटी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अवैध निर्माण, मशीनरी और अन्य संरचनाओं को जेसीबी की सहायता से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।

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फैक्ट फाइल

  • 35 बीघा जमीन पर अवैध रंगाई-छपाई की इकाई संचालित
  • 10 घंटे चली कार्रवाई
  • 200 पुलिसकर्मियों का जाप्ता रहा मौजूद
  • 60 से अधिक जेडीए, पुलिस, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी मौजूद
  • 25 जेसीबी से ध्वस्त की इकाई

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