
जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय ने 23 जुलाई को दो किश्तों में प्रवेश शुल्क जमा कराने के आदेश को दो दिन पहले अक्टूबर में लागू किया है। अब तक 60 प्रतिशत से अधिक छात्र-छात्राएं अपनी फीस जमा करा चुके हैं। जो शेष बचे हैं उन्होंने अन्य कारणों से जानबूझकर फीस जमा नहीं कराई। उनके लिए तिथि बढ़ाकर अब 5 अक्टूबर की गई है। विवि की इस गलती का खमियाजा स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम (एसएफएस) के विद्यार्थियों को उठाना पड़ा, जिनको एक साथ करीब 50 हजार रुपए जमा करवाने पड़े।
जेएनवीयू ने जुलाई में छात्र-छात्राओं को अगली कक्षा में प्रमोट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। कोरोना लॉकडाउन के कारण बीए एलएलबी/बीबीए एलएलबी की 40 से 50 हजार रुपए तक की भारी फीस एक साथ जमा कराना विद्यार्थियों के लिए भारी पड़ रहा था। छात्र नेताओं के विरोध प्रदर्शन के बाद जेएनवीयू ने 23 जुलाई को स्नातक व स्नातकोत्तर की सेमेस्टर कक्षाओं में दो किश्तों में प्रवेश शुल्क जमा कराने के आदेश निकाले लेकिन आवेदन पत्र व प्रवेश शुल्क प्रक्रिया में ऑनलाइन संशोधन नहीं किया। लिहाजा चालान एकमुश्त फीस का बन रहा था। अधिकांश छात्र-छात्राओं ने नियति समझकर फीस जमा कराना जारी रखा।
रजिस्ट्रार के सामने पहुंच आदेश दिखाया, तब खुली नींद
इस सप्ताह कुछ छात्र नेताओं की इसकी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने जेएनवीयू रजिस्ट्रार चंचल वर्मा को अपना 23 जुलाई का आदेश दिखाया और एक मुश्त फीस के चालान का प्रिंट आउट भी दिया। तब जाकर जेएनवीयू की नींद खुली। तीन दिन पहले 23 जुलाई वाला आदेश ऑनलाइन कार्य करने वाली कम्पनी को भेजकर अब इसमें बदलाव कराया गया है।