जोधपुर

Child Death In Car: धूप में हीट चेंबर बनी कार, तीन साल का मासूम हुआ लॉक, दम घुटने से तड़पकर हुई मौत

Child Death In Closed Car: जानकारी के अनुसार, मासूम हितार्थ अपने परिवार के साथ बेंगलुरु से गांव आया हुआ था। घर में छोटे भाई का मुंडन संस्कार, मां का गणगौर उत्सव और नए घर का गृह प्रवेश जैसे खुशियों भरे कार्यक्रम चल रहे थे। इसी दौरान खेलते-खेलते बच्चा घर के बाहर खड़ी कार में जा बैठा और गलती से कार अंदर से लॉक हो गई।

2 min read
Apr 30, 2026
कार की प्रतीकात्मक तस्वीर

Jodhpur News: राजस्थान के जोधपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां खेल-खेल में एक 3 साल के मासूम की जान चली गई। मामला बिलाड़ा क्षेत्र के पंचोलियों का बास गांव का है, जहां बंद कार में दम घुटने से बच्चे की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जानकारी के अनुसार, मासूम हितार्थ अपने परिवार के साथ बेंगलुरु से गांव आया हुआ था। घर में छोटे भाई का मुंडन संस्कार, मां का गणगौर उत्सव और नए घर का गृह प्रवेश जैसे खुशियों भरे कार्यक्रम चल रहे थे। इसी दौरान खेलते-खेलते बच्चा घर के बाहर खड़ी कार में जा बैठा और गलती से कार अंदर से लॉक हो गई।

परिजनों को जब काफी देर तक बच्चा नजर नहीं आया तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। करीब डेढ़ घंटे बाद बच्चे का पता कार के अंदर चला, जहां वह अचेत अवस्था में मिला। तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

ये भी पढ़ें

Ashok Gehlot की अनोखी अपील: जन्मदिन पर ‘गिफ्ट’ में मांगा पानी, बोले- जयपुर मत आना

विशेषज्ञों के अनुसार, धूप में खड़ी बंद कार कुछ ही मिनटों में ‘हीट चेंबर’ बन जाती है। आंकड़ों के मुताबिक, केवल 10 मिनट में कार के अंदर का तापमान 10 से 11 डिग्री तक बढ़ सकता है। अगर बाहर का तापमान 40 डिग्री है, तो कार के अंदर यह 50 डिग्री के करीब पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में छोटे बच्चों के लिए सांस लेना मुश्किल हो जाता है और शरीर तेजी से गर्मी के प्रभाव में आ जाता है।

डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में ज्यादा तेजी से गर्म होता है, जिससे हीट स्ट्रोक और दम घुटने का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि कार में बंद होने की स्थिति बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि गर्मी के मौसम में बच्चों को कभी भी अकेला वाहन के आसपास नहीं छोड़ना चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही भी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।

ये भी पढ़ें

RAS Success Story: वायुसेना से 20 साल बाद रिटायर होकर कमांडो ने चुनी नई राह, मेहनत कर आरएएस में हासिल की 5वीं रैंक
Updated on:
30 Apr 2026 08:54 am
Published on:
30 Apr 2026 08:53 am
Also Read
View All