
जोधपुर. विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। मतदान की तिथि धीरे-धीरे नजदीक आ रही है। एक तरफ आप वोट देने के लिए तैयार हैं तो दूसरी ओर चुनाव मैदान में उतरे आपके प्रत्याशी समर्थन मांगने के लिए आतुर हैं। इसमें से जीतने वाला प्रत्याशी कब और कैसे आपकी समस्या का समाधान करेंगे, ये भी आपके लिए जानना बहुत जरूरी है। इसी नजरिए से आज आप पढि़ए जोधपुर शहर विधानसभा क्षेत्र के मुद्दे और आपके वोट पाने वाले प्रत्याशी का नजरिया। ये वहीं मुद्दे हैं, जो जन एजेंडा बैठकों में जनता आपके सामने रख रही है।
कब होगा इन समस्याओं का समाधान?
जोधपुर शहर विधानसभा क्षेत्रजोधपुर के शहर विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्वलंत समस्या इन दिनों ट्रेफिक की है। चाहे भीतरी शहर का ट्रेफिक हो या फिर परकोटे के बाहर जालोरी गेट का। सडक़, शिक्षा व चिकित्सा व्यवस्था से भी लोग ज्यादा खुश नहीं है। जोधपुर. जोधपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में पिछले कई सालों से यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना चुनौती बनता जा रहा है। भीतरी शहर में अनगिनत ऑटों की तादाद के कारण आधे-आधे घंटे तक लोग एक किलोमीटर तक अपना वाहन नहीं चला पा रहे हैं। इसके बाहर निकले तो जालोरी गेट पर जिम्मेदारों की ओर से चौराहा सुधारने के सभी प्रयास विफल रहे है। यहां पहले चौराहा छोटा किया गया, लेकिन ट्रेफिक सिस्टम नहीं सुधरा, पुन: चौराहा बड़ा किया गया, लेकिन समस्या जस की तस है। यहां ट्रेफिक नियंत्रण को लेकर विशेष प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। सरकारी अस्पताल व स्कूल में व्यवस्था बदहाल है। सडक़ें क्षतिग्रस्त है तो प्राचीन तालाब-बावड़ी की सुध नहीं ली जा रही है। हेरिटेज सिस्टम भी डवलप होना शेष है।
अतुल भंसाली
- क्षेत्र के ट्रेफिक सिस्टम को सुधारा जाएगा।
- चिकित्सा व शिक्षा व्यवस्था में पूरी तरह से सुधार लाया जाएगा।
- सडक़ सिस्टम में सुधार लाया जाएगा।
- हेरिटेज सिस्टम को डवलप करना प्राथमिकता रहेगी।
मनीषा पंवार
- सरकारी स्कूलों का सिस्टम सुधरवाया जाएगा।
- जालोरी गेट व आसपास के इलाकों में ट्रेफिक व्यवस्था में सुधार के लिए प्लान बनाया जाएगा।
- सरकारी अस्पतालों में रुके कार्य शुरू करवाए जाएंगे।
- सडक़ निर्माण में गुणवत्ता व अन्य विभागों से समन्वय स्थापित करेंगे।
अनिल आचार्य
- सरकारी स्कूलों का स्तर शानदार बनाया जाएगा। ताकि निजी स्कूल की महंगी फीस से निजात मिले।
- प्राचीन बावड़ी व तालाबों को साफ करवाकर यहां फिल्टर हाउस स्थापित करेंगे।
- भीतरी शहर में यातायात सुधार के लिए ई-रिक्शा को बढ़ावा देंगे।
- जनता की समस्या के समाधान के लिए कार्यालय खोलेंगे।