जोधपुर

Rajasthan : EWS आरक्षण पर गजेन्द्र सिंह शेखावत का बड़ा बयान, कहा- पात्रता नियमों में बदलाव पर जल्द निकलेगा रास्ता

Rajasthan : केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देकर ऐतिहासिक कदम उठाया था।
2 min read
jodhpur gajendra singh shekhawat big statement on ews reservation
Rajasthan : केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत। फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan : केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के आरक्षण के पात्रता नियमों में बदलाव के सकारात्मक संकेत देते हुए कहा है कि इसका जल्द कोई रास्ता निकलेगा। मंत्री शेखावत ने शनिवार को जोधपुर सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत यह संकेत दिए। उन्होंने कहा कि ईडब्ल्यूएस (EWS) आरक्षण के नियमों में बदलाव को लेकर केंद्र सरकार के स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है। हाल में इस विषय पर बैठक भी हुई है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इसका कोई रास्ता निकलेगा।

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देकर ऐतिहासिक कदम उठाया था। वर्ष 2014-15 में उन्होंने लोकसभा में भी इस विषय को लेकर कई बार आवाज उठायी थी, हालांकि आरक्षण के लिए निर्धारित पात्रता के मौजूदा नियमों में कृषि पर निर्भर परिवारों के साथ न्याय नहीं हो पा रहा है।

एसएलपी उच्चतम न्यायालय में लंबित होने के कारण निर्णय नहीं हो सका

उन्होंने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि के ऐसे परिवार, जिनकी आजीविका का एकमात्र साधन खेती है, या शहरों में रहने के बावजूद जिनके परिवार की आजीविका कृषि पर निर्भर है, उनके साथ पात्रता के मौजूदा प्रावधानों में न्याय नहीं होता। इस विषय को सरकार के स्तर पर उठाया गया था लेकिन यूथ फॉर इक्वलिटी की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) उच्चतम न्यायालय में लंबित होने के कारण निर्णय नहीं हो सका।

सभी पहलुओं पर विचार कर निकालेंगे समाधान

मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि अब याचिका का निपटारा हो चुका है। केंद्र सरकार जब भी इस पर निर्णय करेगी, तो उसे पूरे देश के परिप्रेक्ष्य में करना होगा। कुछ राज्यों का मत मौजूदा नियमों में बदलाव नहीं करने के पक्ष में भी है। ऐसे में सभी पहलुओं पर विचार कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

राजस्थानी भाषा की मान्यता पर जल्द होगा फैसला

राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता देने के सवाल पर मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत बोले, यह राजस्थान के लोगों की अस्मिता का प्रश्न है। वह वर्ष 1991 से इस संघर्ष के साथ खड़े हैं। विभिन्न भाषाओं को मान्यता देने के 32 से अधिक प्रस्ताव लंबित हैं। गृह मंत्रालय का संबंधित विभाग इस दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि नेपाल में राजस्थानी, हिमालयी क्षेत्र के देशों में भोटी और गिरमिटिया भारतीयों के माध्यम से भोजपुरी को कई देशों में पहचान मिली है।

Updated on:
17 Oct 2026 05:16 pm
Published on:
17 Oct 2026 05:10 pm