
Ayurveda University Jodhpur: सांकेतिक तस्वीर-एआई जेनरेटेड
जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर स्थित आयुर्वेद विश्वविद्यालय में छात्राओं के साथ कथित यौन प्रताड़ना का मामला अब सोशल मीडिया चैट सामने आने के बाद चर्चा में है। छात्राओं ने विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर पर आपत्तिजनक संदेश भेजने, निजी संबंध बनाने का दबाव डालने और परीक्षा में पास कराने के नाम पर प्रभाव का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए हैं। प्रोफेसर की गिरफ्तारी के बाद बुधवार को 4 छात्राओं प्रोफेसर के साथ हुई चैट के स्क्रीनशॉट साझा किया। चैट में छात्रा से प्रोफेसर टॉपर बनाने की बात कहता है। साथ ही कहता है कि जब से वह उसे देखा है उससे मिलने के लिए तरस रहा है। छात्राओं के प्रदर्शन के बाद आरोपी प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जा चुका है।
मामले में सामने आई चैट के मुताबिक, आरोपी प्रोफेसर ने छात्रा के पहनावे और आंखों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। आरोप है कि उसने दोस्ती करने के लिए कहा और यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि कॉलेज में किसी को इसकी जानकारी नहीं होगी। कथित संदेशों में परीक्षा की चिंता नहीं करने और पास कराने में मदद करने जैसी बातें भी शामिल हैं। एक अन्य संदेश में छात्रा को टॉपर बनाने की बात कहे जाने का दावा है। इन संदेशों को लेकर छात्राओं ने आरोप लगाया कि पढ़ाई और परीक्षा में मदद का भरोसा देकर उन पर निजी संबंध बनाने का दबाव बनाया जा रहा था।
शिकायत के अनुसार, फरवरी 2026 में प्रैक्टिकल फाइल दिखाने के दौरान आरोपी ने छात्रा के शरीर और आंखों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। आरोप है कि इसी दौरान उसने छात्रा का मोबाइल लेकर उसका फोन नंबर और इंस्टाग्राम आईडी हासिल कर ली। इसके बाद सोशल मीडिया पर संदेश भेजकर संपर्क बढ़ाने की कोशिश की। छात्राओं का आरोप है कि प्रोफेसर उन्हें अपने केबिन में बुलाता था और कमरे पर आने के लिए दबाव बनाता था। प्रोफेसर छात्राओं से दोस्ती करने और निजी संबंध बनाने के लिए दबाव डालता था। विरोध करने पर वह अपने पद और विश्वविद्यालय में प्रभाव का हवाला देकर करियर खराब करने की धमकी देता था। शिकायत में यह भी कहा गया कि वह खुद को प्रिंसिपल का करीबी बताता था और परीक्षा में चिंता नहीं करने की बात कहता था।
इस प्रकरण में परीक्षा और प्रैक्टिकल से जुड़ी बातचीत भी जांच के दायरे में है। कथित चैट में पास कराने के लिए प्रभाव का इस्तेमाल करने और पैसों के लेनदेन से जुड़े संदेश होने की बात सामने आई है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा में सफल होने की चिंता का फायदा उठाकर उन्हें दबाव में लेने की कोशिश की गई। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान आरोपी का मोबाइल जब्त किया गया है। उसके इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप डेटा को रिकवर किया गया, जिनमें छात्राओं को संदेश भेजे जाने से संबंधित साक्ष्य मिले हैं।
10 अक्टूबर को छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके अगले दिन थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। थानाधिकारी परमेश्वरी के अनुसार, छात्राओं की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपी सीकर जिले के लोसल का निवासी है और विश्वविद्यालय के शरीर रचना विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर था। शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसे बर्खास्त कर दिया और पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अब जांच में कथित चैट, छात्राओं के बयान और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
Updated on:
14 Oct 2026 06:48 pm
Published on:
14 Oct 2026 06:48 pm
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