जोधपुर

Rajasthan : घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए गुड न्यूज, आधी कीमत पर 794 फ्लैट्स बेचेगा आवासन मंडल

जोधपुर में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए आवासन मंडल सस्ते मकानों का बड़ा ऑफर लाने जा रहा है। विवेक विहार और कुड़ी भगतासनी में खाली पड़े 794 फ्लैट्स को 50 फीसदी तक छूट पर बेचने की तैयारी है।
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Updated: 6 Nov 2026, 9:24 AM IST
Jodhpur flat sale
Jodhpur: सांकेतिक तस्वीर-एआई

जोधपुर। शहर में अपना मकान खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए राजस्थान आवासन मंडल बड़ी राहत देने की तैयारी में है। मंडल करीब दस साल से खाली पड़े 794 फ्लैट्स को आधी कीमत पर बेचने की योजना बना रहा है। इसके लिए मूल कीमत पर 50 प्रतिशत तक छूट देने का प्रस्ताव तैयार कर जयपुर मुख्यालय भेजा गया है। प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद इन फ्लैट्स की बिक्री प्रक्रिया शुरू की जाएगी। खास बात यह है कि इनमें ऐसे मकान भी शामिल हैं, जिन्हें पहले लॉटरी के जरिए आवंटित किया गया था, लेकिन आवंटियों ने निर्धारित किस्तें जमा नहीं कराईं।

आवासन मंडल की इस योजना में विवेक विहार और कुड़ी भगतासनी आवासीय योजनाओं के फ्लैट शामिल हैं। दोनों जगह लंबे समय से खरीदार नहीं मिलने के कारण बड़ी संख्या में फ्लैट खाली पड़े हैं। मंडल अब भारी छूट देकर इन संपत्तियों को बेचने और अपनी अटकी हुई पूंजी निकालने की कोशिश कर रहा है।

इन जगहों पर खाली पड़े हैं फ्लैट

प्रस्ताव के मुताबिक, विवेक विहार आवासीय योजना के अलग-अलग सेक्टरों में 444 फ्लैट बिक्री के लिए चिह्नित किए गए हैं। इनमें सेक्टर 1, 8, 9, 10, 11, 12, 14 और 15 शामिल हैं। वहीं, कुड़ी भगतासनी योजना के सेक्टर 8, 9, 12 और 14 में 350 फ्लैट्स को बिक्री के दायरे में रखा गया है। इनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), अल्प आय वर्ग (एलआईजी) और मध्यम आय वर्ग (एमआईजी-ए और बी) के फ्लैट शामिल हैं। कुछ फ्लैट ऐसे भी हैं, जिनका पहले आवंटन हो चुका था, लेकिन समय पर किस्तें जमा नहीं होने के कारण आवंटियों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया। ऐसे मामलों में मंडल ने कब्जा रोक दिया था। अब इन इकाइयों को दोबारा बेचने की तैयारी है।

तीसरी मंजिल के फ्लैट बने मंडल के लिए परेशानी

794 फ्लैट्स में बड़ी संख्या जी-प्लस-3 इमारतों की तीसरी मंजिल पर स्थित मकानों की है। इन भवनों में लिफ्ट की सुविधा नहीं है। ऐसे में खरीदार तीसरी मंजिल तक सीढ़ियों से पहुंचने की परेशानी के चलते इन फ्लैट्स से दूरी बना रहे हैं। निचली मंजिलों के मकान बिकने के बाद भी ऊपर के फ्लैट खाली रह गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण के समय लिफ्ट की सुविधा दी जाती तो मंडल को इतनी बड़ी छूट देने की जरूरत नहीं पड़ती।

पहले भी 1500 फ्लैट्स पर दी थी छूट

आवासन मंडल इससे पहले जोधपुर में 1500 से अधिक फ्लैट्स को 50 प्रतिशत तक छूट देकर बेच चुका है। इसके बावजूद कई आवंटियों की किस्तें बकाया हैं। वर्ष 2016 में इन फ्लैट्स का निर्माण पूरा हुआ था, लेकिन वर्ष 2022 तक खरीदार नहीं मिलने पर मंडल ने कीमतों में बड़ी कटौती की थी। अब 794 फ्लैट्स के लिए फिर वही रणनीति अपनाई जा रही है।

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6 Nov 2026, 9:24 AM IST
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