
जोधपुर. नगर निगम की आेर से लगातार शहर में सड़क निर्माण करवाया जाता है, लेकिन एक बारिश इन सभी निर्माणों की पोल खोल देती है। वहीं शनिवार को शहर के पाल लिंक रोड स्थित महापौर घनश्याम ओझा के घर के बाहर ही बारिश के बाद गड्ढ़े हो गए। जबकि गड्ढ़े भरने वाले ट्रेक्टर ने केवल एक घर के बाहर ही मिट्टी डाल गड्ढ़ा भर दिया। जबकि आसपास के मकानों के बाहर गड्ढे़ छोड़ दिए। दूसरी ओर हाईकोर्ट के सख्त निर्देश है कि शहरों में बिलकुल गड्ढ़े व आवारा पशु नजर नहीं आने चाहिए। उसके बावजूद शहर में अभी भी हालात जस के तस है।
शहर में सूरसागर, सोजती गेट तिराहा रोड, भीतरी शहर, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, पावटा, ओलंपिक रोड व मंडोर समेत तमाम तरह के इलाकों के गली-मोहल्लों में गड्ढ़ों की भरमार हैं। जबकि ज्यादातर मुख्य सड़क पर गड्ढा भर दिया जाता है, लेकिन गलियों में काम रह जाता है। जबकि जिम्मेदार इन जगहों पर बिलकुल ध्यान नहीं देते।गड्ढे कर रहे हैं चोटिल शहर में बारिश की सीजन में गड्ढे में गिरने की आशंका ज्यादा है। अंदर पानी भरा होने से कई लोगों को गड्ढा नजर नहीं आता है। एेसे कई केस अस्पताल में आ रहे है। दूसरी तरफ जिम्मेदार महकमों का कहना है कि बारिश के बाद गड्ढे भर दिए जाएंगे, लेकिन इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
इनका कहना
इस एरिया में केबल डाली गई थी। केबल वाली मिट्टी बही है। इसके लिए वापस काम किया जा रहा है। सभी इंजीनियररिंग स्टाफ को लगा रखा है। फिलहाल हम गड्ढे भरने का काम करेंगे, बाकी काम बाद में करेंगे। ताकि आमजन को कोई परेशानी नहीं आए। जोधपुर में सड़क निर्माण पर अभी तक करोड़ों रुपए खर्च हो चुके है। लेकिन कई पर भी शहर में काम नहीं दिख रहा है। निगम की इस सुस्ती का नतीजा लोग भुगत रहे है।
घनश्याम ओझा, महापौर