
जोधपुर. नगर निगम में महापौर चुनाव को लेकर चल रहा सस्पेंस अब खत्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने महापौर पद के लिए प्रसन्नचंद मेहता के नाम का ऐलान कर दिया है। महापौर पद के लिए पार्टी के प्रत्याशी के नाम के लिए काफी नामों पर चर्चा चल रही थी। वहीं, पार्टी ने शुक्रवार को अपने पार्षदों से महापौर पद के लिए पसंद पूछने की प्रक्रिया भी अपनाई थी। इसके बाद ही पार्टी ने यह फैसला लिया है। इसके अलावा कांग्रेस ने भी हाइब्रिड उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है।
वार्ड 82 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे प्रसन्नचंद मेहता ने 3,270 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को 486 मतों के अंतर से पीछे छोड़ा। बता दें, कि महापौर पद की दौड़ में मेघराज लोहिया, कमलेश पुरोहित समेत कई अन्य नाम भी चर्चा में थे।
जोधपुर नगर निगम के महापौर चुनाव में कांग्रेस ने गैर पार्षद राजेंद्र सोलंकी को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाने वाले सोलंकी ने शनिवार को महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल किया। उनके साथ कांग्रेस के गणपत सिंह चौहान ने भी पर्चा भरा है। इससे पहले पार्टी की ओर से कई नामांकन फॉर्म लिए गए थे और अलग-अलग दावेदारों के नाम सामने आए थे। ऐसा सामेन आ रहा है कि जरूरत पड़ने पर सरस्वती प्रजापत या उनके पिता नामांकन कर सकते हैं।
जोधपुर नगर निगम के 100 वार्डों में हुए चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने शुरुआत में 44-44 सीटों पर जीत दर्ज की थी। बाद में वार्ड 50 में हुए पुनर्मतदान में भाजपा प्रत्याशी की जीत के साथ पार्टी के पार्षदों की संख्या बढ़कर 45 हो गई। इसके बाद सात निर्दलीय पार्षदों ने भाजपा को समर्थन दिया। पार्टी का दावा है कि इन सात पार्षदों के साथ आने से उसके खेमे में कुल 52 पार्षदों का समर्थन है, जबकि महापौर चुनाव में बहुमत के लिए 51 पार्षदों का आंकड़ा जरूरी है।
भाजपा को समर्थन देने वाले निर्दलीय पार्षदों में वार्ड 5 के विशाल सांखला, वार्ड 19 के दिनेश शर्मा, वार्ड 20 के चेतन गहलोत, वार्ड 47 के मोहन राम चौधरी, वार्ड 48 की दुर्गा मेवाड़ा, वार्ड 76 की निर्मला नायक और वार्ड 81 के स्वरूप सिंह शामिल हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक आज 19 सितंबर तक महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। इसके बाद 21 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और वहीं 22 सितंबर नाम वापस लेने की आखिरी तारीख रहेगी। चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 25 सितंबर को महापौर पद के लिए मतदान कराया जाएगा। वहीं, उप महापौर का चुनाव अगले दिन यानी 26 सितंबर को होगा।