
Jodhpur Open Jail Wedding : जोधपुर के मंडोर स्थित खुली जेल में एक अनूठा विवाह समारोह संपन्न हुआ। हत्या के अलग-अलग मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे मूलाराम और सीमा ने राजस्थान हाईकोर्ट की अनुमति मिलने के बाद हिंदू रीति-रिवाज से एक-दूसरे के साथ सात फेरे लिए। अग्नि को साक्षी मानकर दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। जेल परिसर में आयोजित इस विशेष समारोह में खुशियों का माहौल देखने को मिला।
इस अनोखी शादी में दोनों पक्षों के परिजन, रिश्तेदार, जेल प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, पुलिसकर्मी और अधिवक्ता शामिल हुए। कुल 21 बारातियों की मौजूदगी में जेल परिसर के भीतर ही वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शादी की सभी रस्में पूरी की गईं।
दुल्हन सीमा के पिता राधा किशन ने भावुक होते हुए कहा कि सब कुछ बहुत अच्छे से संपन्न हुआ। यह समाज के लिए एक बेहतरीन मिसाल है। सीमा करीब दो साल से जेल में है। समाज को इसे सकारात्मक नजरिए से देखना चाहिए ताकि लोग सुधार की दिशा में आगे बढ़ सकें।
वहीं, पुलिस अधिकारी रामचंद्र शर्मा ने इसे एक अनूठी पहल बताते हुए कहा कि सजा काट रहे बंदियों का इस तरह से पुनर्वास होना समाज के लिए एक बेहद सकारात्मक संदेश है। इसे आगे भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए ताकि अपराधियों को मुख्यधारा में लौटने का मौका मिले।
नागौर निवासी मूलाराम और सीमा दोनों हत्या के अलग-अलग मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। उनकी शादी के लिए हाईकोर्ट से अनुमति मिलने के बाद यह विवाह समारोह आयोजन किया गया। मूलाराम 16 फरवरी 2017 में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। वहीं सीमा अपने पति की हत्या के मामले में दोषसिद्ध है और खुली जेल में रह रही है। विवाह के बाद दोनों अब खुली जेल परिसर में ही साथ रहेंगे।
विवाह के दौरान जेल परिसर का माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया। दोनों परिवारों की महिलाओं ने मंगल गीत गाए, जबकि ढोल और थाली की थाप पर बरातियों ने नृत्य किया। दूल्हा-दुल्हन ने एक-दूसरे को वरमाल पहनाई और सात फेरे लेकर वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। समारोह में मौजूद लोगों ने नवदंपती को आशीर्वाद देकर सुखद भविष्य की कामना की।