
Prasannachand Mehta vs Rajendra Solanki. Photo- Patrika
Jodhpur Mayor Election 2026: नगर निगम जोधपुर के महापौर पद को लेकर जारी सियासी घमासान, कानूनी दांव-पेच और आपत्तियों के वार खारिज होने के बाद तस्वीर साफ हो गई है।
भाजपा के प्रसन्नचन्द मेहता और कांग्रेस के राजेन्द्रसिंह सोलंकी के बीच 25 सितंबर को सीधा मुकाबला होगा। सोलंकी को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का करीबी माना जाता है।
जोधपुर नगर निगम चुनाव में शुरुआत में भाजपा और कांग्रेस के 44-44 पार्षद चुनाव जीते थे। इसके बाद एक वार्ड में दोबारा मतदान कराया गया। नतीजे में BJP प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। इसके साथ ही भाजपा के पार्षदों की संख्या 45 हो गई।
अब भाजपा के पास 45 और कांग्रेस के पास 44 पार्षद हैं। भाजपा ने कांग्रेस के कुछ बागी पार्षदों सहित 7 निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा किया। पार्टी का दावा है कि उसके पास 52 पार्षदों का समर्थन है, जो 100 बहुमत के लिए जरूरी 51 के आंकड़े से एक अधिक है। अब देखगा होगा निर्दलीय किस खेमे में जाते हैं।
महापौर पद के निर्वाचन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों खेमों की ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों को रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) आर.के. मीणा ने खारिज कर दिया । फैसले के साथ ही महापौर का चुनाव अब कानूनी उलझनों से निकलकर चुनावी समर में पहुंच गया है। संवीक्षा के चलते भाजपा ने कांग्रेस प्रत्याशी राजेन्द्रसिंह सोलंकी पर आपराधिक रिकॉर्ड का उल्लेख नहीं कर छिपाने पर आपत्ति दर्ज कराई थी। वहीं, कांग्रेस ने भाजपा प्रत्याशी प्रसन्नचन्द मेहता पर तथ्य छिपाने की आपत्ति दर्ज कराकर नामांकन पत्र खारिज करने की मांग की थी
सोमवार का दिन नगर निगम परिसर में गहमागहमी और तनाव से भरा रहा। दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों और दलीलों के परीक्षण के बाद रिटर्निंग अधिकारी आर.के. मीणा और एसडीएम संजय गोयल ने फैसला शाम 5 बजे तक सुरक्षित रख लिया और शाम 6 बजे फैसला सुनाने की घोषणा की। फैसले में हुई एक घंटे की देरी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की धड़कनें बढ़ा दी।
परिसर में हर कोई फैसले का इंतजार कर रहा था। यह चर्चा रही कि इस सम्बन्ध में अ धिकारियों ने निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन मांगा था, मार्गदर्शन मिलने के बाद शाम करीब 6 बजे रिटर्निंग अधिकारी ने आपत्तियां खारिज होने का फैसला दिया, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई।
सभा कक्ष में कांग्रेस की ओर से महापौर प्रत्याशी राजेन्द्रसिंह सोलंकी, पूर्व सांसद ब्रदीराम जाखड़, पूर्व विधायक मनीषा पंवार, वरिष्ठ कांग्रेसी करणसिंह उचियारड़ा, कांग्रेसी नेता व बडी संख्या में समर्थक मौजूद थे। जबकि फैसला सुनाते समय भाजपा की ओर से कोई मौजूद नहीं था।
फैसला आते ही नगर निगम परिसर में बड़ी संख्या में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश व उत्साह आ गए और उन्होंने सोलंकी व पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जिन्दाबाद नारे लगााए।
Updated on:
22 Sept 2026 03:17 pm
Published on:
22 Sept 2026 03:09 pm
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