
Jodhpur Sarpanch Election Results: जोधपुर। पंचायतीराज चुनाव में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए हुए मतदान के बाद आए परिणामों में कई रोचक समीकरण सामने आए। कहीं राजनीतिक परिवारों को हार का सामना करना पड़ा तो कहीं छात्र नेताओं ने सरपंच बनकर गांव की सरकार में जगह बनाई। वहीं एक ही परिवार की सास-बहू ने अलग-अलग ग्राम पंचायतों से सरपंच निर्वाचित होकर अनूठी मिसाल कायम की है।
बालेसर क्षेत्र की ग्राम पंचायत पुगलिया और सोमेसर में एक ही परिवार की सास-बहू ने अलग-अलग ग्राम पंचायतों से सरपंच निर्वाचित होकर अनूठी मिसाल कायम की है। हाल ही में संपन्न पंचायतीराज चुनाव में पुगलिया से 60 वर्षीय अकल कंवर चारण और सोमेसर से उनकी 40 वर्षीय बहू पुष्प कंवर चारण ने जीत दर्ज की है। चुनाव से पहले मतदाता सूची में नाम जुड़वाते समय सास अकल कंवर ने पुगलिया और बहू पुष्प कंवर ने सोमेसर ग्राम पंचायत में अपना नाम दर्ज करवाया था। इसके बाद आरक्षण की लॉटरी में दोनों पंचायतों में सरपंच पद महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुआ।
ऐसे में सास-बहू दोनों ने चुनाव मैदान में उतरकर मतदाताओं का समर्थन हासिल किया और सरपंच निर्वाचित हुईं। गौरतलब है कि इससे पहले अकल कंवर के पुत्र एवं पुष्प कंवर के पति आवड़ चारण भी सरपंच रह चुके हैं। अब एक ही परिवार की दो महिलाओं के अलग-अलग ग्राम पंचायतों की सरपंच बनने से क्षेत्र में यह अनूठा चुनावी संयोग चर्चा का विषय बना हुआ है।
ओसियां क्षेत्र में इस बार कई राजनीतिक परिवारों की प्रतिष्ठा दांव पर थी। पूर्व कैबिनेट मंत्री शम्भूसिंह खेतासर की पत्नी एवं पूर्व प्रधान बदन कंवर खेतासर सरपंच पद का चुनाव हार गईं। वहीं, पूर्व उप प्रधान देवीलाल चौधरी के पुत्र ताराचंद सिमरथ को जाटीपुरा ग्राम पंचायत से हार का सामना करना पड़ा। खास बात यह है कि बदन कंवर खेतासर और देवीलाल चौधरी दोनों वर्ष 2021 में क्रमशः प्रधान और उप प्रधान चुने गए थे।
चुनाव में कुछ दिलचस्प परिणाम भी सामने आए। नेवरा रोड ग्राम पंचायत से जेएनवीयू के पूर्व छात्र नेता जगदीश जाखड़ ने कड़े मुकाबले में जीत दर्ज कर सरपंच पद हासिल किया। जगदीश इससे पहले जेएनवीयू में अध्यक्ष पद का चुनाव भी लड़ चुके हैं। वहीं, मेवासा ग्राम पंचायत से प्रभात गिरी महाराज के धाम के गादीपति संत गिरी महाराज ने जीत दर्ज कर सरपंच पद हासिल किया। इस तरह ग्रामीण सरकार में छात्र राजनीति से जुड़े चेहरे और संत ने भी जगह बनाई।