जोधपुर

Jodhpur: विक्की फाइटर हत्याकांड के आरोपी पर ब्लेड से हमला, सिर में आए 5 टांके, लक्की और अविनाश पर केस दर्ज

Jodhpur Jail Attack: जोधपुर में चर्चित विक्की फाइटर हत्याकांड के विचाराधीन बंदी विश्वास उर्फ सिकू (चिंकू) पर केंद्रीय कारागृह में ब्लेड से जानलेवा हमला हुआ। सिर पर गंभीर चोट आने से पांच टांके लगे। बंदी ने पुरानी रंजिश में हमला कराने का आरोप लगाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
2 min read
Jul 10, 2026
Jodhpur Vicky Fighter Murder
विक्की फाइटर (पत्रिका फोटो)

Vicky Fighter Murder Case: जोधपुर शहर के चर्चित विक्की फाइटर हत्याकांड में गिरफ्तार विचाराधीन बंदी विश्वास उर्फ सिकू (चिंकू) पर केंद्रीय कारागृह में जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। जेल अस्पताल में दवा लेने जाते समय कुछ बंदियों ने उस पर धारदार ब्लेड से हमला कर दिया। हमले में उसके सिर पर गंभीर चोट आई, जिसके बाद उपचार के दौरान पांच टांके लगाए गए। घटना के बाद रातानाड़ा थाना पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, जगदंबा कॉलोनी निवासी और वर्तमान में केंद्रीय कारागृह में बंद विचाराधीन बंदी विश्वास उर्फ सिकू पुत्र किशनलाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 8 जुलाई शाम करीब पांच से छह बजे के बीच वह जेल अस्पताल में दवा लेने जा रहा था। इसी दौरान लक्की उर्फ गोलची पुत्र विक्रम, अविनाश पुत्र सुरेंद्र और उनके साथियों ने उसे घेर लिया और जान से मारने की नीयत से धारदार ब्लेड से हमला कर दिया। हमले में उसके सिर पर गहरा घाव हो गया। जेल प्रशासन ने उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसके सिर पर पांच टांके लगाए।

पुरानी रंजिश में हमला करवाने का आरोप

घायल बंदी ने आरोप लगाया कि राहुल हंस उर्फ मोन्टी पुत्र राकेश हंस ने पुरानी रंजिश के चलते यह हमला करवाया। उसने बताया कि सभी आरोपी केंद्रीय कारागृह के सात नंबर वार्ड में बंद हैं और उनके बीच पहले से विवाद चल रहा है। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हमले के कारणों और इसमें शामिल अन्य बंदियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

दो माह में तीसरी हिंसक घटना, सुरक्षा पर सवाल

केंद्रीय कारागृह में धारदार ब्लेड से हमला होने की घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच का एक प्रमुख बिंदु यह भी है कि सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद प्रतिबंधित वस्तु जेल के भीतर कैसे पहुंची। पुलिस और जेल प्रशासन इस पहलू की भी पड़ताल कर रहे हैं। केंद्रीय कारागृह में बंदियों के बीच हिंसक घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। पिछले दो माह में यह मारपीट और हमले की तीसरी घटना बताई जा रही है।

Updated on:
10 Jul 2026 09:52 pm
Published on:
10 Jul 2026 09:52 pm