
जोधपुर। बहुचर्चित काला हिरण शिकार प्रकरण में 5 साल की सजा सुनाए जाने के बाद जेल भेजे गए फिल्म अभिनेता Salman Khan अाज भी जेल में रहेंगे या उन्हें बेल मिल जाएगी। इस पर फैसला तीन बजे के बाद सुनाया जाएगा। पढ़ें मामले का पल-पल का LIVE UPDATES.
3.00 PM: जोधपुर सेशन कोर्ट ने सलमान को दी जमानत
2.43 PM: जज कोर्ट में आए, कुछ देर बाद आएगा फैसला।
2.04 PM: सेंट्रल जेल के बाहर सलमान के लिए दुआ कर रहे हैं प्रशंसक।
1.56 PM: फैसला अटका,3 बजे आएगा जमानत पर फैसला, सजा के निलंबन पर भी हाेगा निर्णय।
1.53 PM: वकील के साथ सलमान की दाेनाें बहनें पहुंची काेर्ट।
11.16 AM: जेल के बाहर पुलिस ने सलमान खान के प्रशंसकाें काे खदेड़ा।
11.10 AM: लंच के बाद दोपहर 2 बजे तक आ सकता है सलमान की जमानत पर फैसला।
10:58 AM: अलवीरा पुन कोर्ट में गई।
10:55 AM : महेश बोड़ा ने फिर शुरू की बहस, जज तसल्ली से सुन रहे हैं।
10.44 AM: खड़े-खड़े अलवीरा को चक्कर आने लगे थे, इसलिए उनको मुंसिफ कोर्ट में एक कमरे में बैठाया गया है।
10.32 AM: मामले की सुनवाई शुरू, जज रविंद्र कुमार जाेशी कर रहे हैं सुनवार्इ।
10.29 AM: काेर्ट पहुंचा रिकाॅर्ड, 10.30 बजे का दिया है सुनवार्इ का समय
10.28 AM: अलवीरा, शेरा चिंचित मुद्रा में खड़े है कटघरे के पास
10.22 AM: सलमान के वकील ने कहा हम आज ही जमानत लेने की काेशिश करेंगे।
10.17 AM: सलमान की बहन अलवीरा और उनके बॉडीगार्ड शेरा भी जेल में पहुंच चुके हैं।
10.15 AM: सलमान की बहन के साथ आए बॉडीगार्ड शेरा की ओर से मीडियाकर्मी को धक्का देने को लेकर विवाद हुआ।
9.48 AM: जज रवींद्र कुमार जोशी कोर्ट पहुंचे। किसी भी समय सलमान की जमानत पर सुनवाई शुरु हो सकती है।
सरकार की ओर से नियुक्त विशिष्ट लोक अभियोजक पोकरराम विश्नोई के निवेदन पर न्यायालय ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से इस केस से जुड़ा रिकॉर्ड तलब किया है। सलमान की ओर से अधिवक्ता महेश बोड़ा तथा हस्तीमल सारस्वत ने 51 पेज में 54 बिन्दुओं को आधार बना कर सजा स्थगित कर उनकाे रिहा करने का आग्रह किया है।
क्या हाे सकता है?
पहली सम्भावना : शनिवार को जिला न्यायालय में सुनवाई होगी, केस का रिकाॅर्ड सामने होगा। सलमान की याचिका स्वीकार कर ली जाती है तो मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जोधपुर जिला के समक्ष आदेशानुसार जमानत मुचलके पेश किए जाएंगे, इसकी तस्दीक के बाद आदेश जेल भेजा जाएगा, जहां से सलमान को शाम तक रिहा किया जा सकता है। लेकिन जेल तक आदेश पहुंचने में शाम हो जाती है तो सलमान की मुश्किलें बढ़ सकती है। क्योंकि सूर्यास्त के बाद जेल का अंदर वाला द्वार बंद हो जाता है।
दूसरी सम्भावना : सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रखा जाता है तो रविवार को अवकाश रहेगा और फैसला सोमवार को आएगा। तब तक सलमान को जेल में रहना होगा।
तीसरी सम्भावना : यदि याचिका खारिज कर दी जाती है तो सोमवार को उच्च न्यायालय में अपील प्रस्तुत की जाएगी, जहां सुनवाई मंगल या बुधवार को होगी।
चौथी सम्भावना : सलमान की सजा के स्थगन की अपील की सुनवाई करने वाले डिस्ट्रिक्ट जज का तबादला होने के बाद यदि वे शनिवार को रिलीव हो जाते हैं तो अन्य डिस्ट्रिक्ट जज के आने तक मामला एडीजे कोर्ट में शिफ्ट हो जाएगा। एेसे में सलमान की मुश्किलें बढ़ सकती है।
आदेश नही आने से विचलित हुई अलविरा, अर्पिता
साढे दस बजे न्यायाधीश अपनी कुर्सी पर बैठे, 11 बजे तक बचाव पक्ष ने बहस पूरी की, पांच मिनट लोक अभियोजक ने बहस की, दस मिनट बाद न्यायाधीश ने रिकाॅर्ड तलब करने तथा सजा स्थगन का आदेश शनिवार तक टाल दिया ।
इस पर कोर्ट रूम में उपस्थित सलमान की बहने अलविरा और अर्पिता विचलित हो गई, कुछ देर वहीं खड़ी रही उसके बाद बाॅडीगाड़ शेरा के साथ न्यायालय से बाहर निकल कर होटल चली गई।
सलमान की ओर से यह दी गई दलीलें
सलमान के अधिवक्ताओं ने बहस करते हुए दलीले दी कि सभी गवाहों ने विरोधाभासी बयान दिये थे, जो रिकाॅर्ड में है। जिप्सी नम्बर आरजे 19 पी 2201 कब, कैसे और कहां मिली इसके बारे में गलत अनुसंधान हुआ था इसे हाईकोर्ट ने भी संदिग्ध माना था।
बचाव पक्ष ने कहा कि जिप्सी दो दिन वन विभाग के कब्जे में थी इसलिए छेडछाड सम्भव है, 12 अक्टूबर को जिप्सी से बरामद छर्रे मैनेज किये गए थे। सलमान के अधिवक्ता ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने मुम्बई से हथियार बरामदगी को भी संदिग्ध माना था ।
यह भी दलील दी गई कि सलमान को आर्मएक्ट मामले में गत वर्ष 18 जनवरी को बरी किया जा चुका हैं, इस मामले के सभी तथ्य आर्मएक्ट मामले से जुड़े हैं इसलिए अपील स्वीकार की जाए और सजा स्थगन की मांग की गई। अधिवक्ता ने कहा बीस साल से विचारण चल रहा है, अभियुक्त की जमानत कभी भी जब्त नहीं हुई, इसीलिए सजा स्थगित कर जमानत स्वीकार करने का आग्रह किया।
सरकारी वकील ने किया विरोध
सरकार की ओर से नियुक्त विशिष्ट लोक अभियोजक पोकरराम विश्नोई ने सजा स्थगन की अर्जी का जोरदार विरोध किया। उन्होने कहा कि सलमान को रिहा करने पर जनता में गलत संदेश जाएगा । फैसला 201 पेज का होने से पूरा अध्ययन नहीं हो पाया इसलिए समय चाहिए । सरकारी अधिवक्ता ने इस मामले का रिकाॅर्ड मंगवाने की मांग की।
जिला एवं सत्र न्यायालय जोधपुर जिला रविंद्र कुमार जोशी ने दोनों पक्षों को सुनकर कहा कि यह कोई वजह नहीं है कि सजा स्थगन से जनता में क्या संदेश जाता है । उन्होनें कहा कि बहस सुन ली गई है, इस पर शनिवार काे विचार होगा।