
जोधपुर . सुप्रीम कोर्ट ने भले ही रात दस बजे के बाद संगीत समारोह व लाउड स्पीकर पर रोक लगा रखी हो, लेकिन शहर में देर रात तक तेज आवाज में म्यूजिक व संगीत समारोह में चिल्ल पौ चल रही हैं। पुलिस कंट्रोल रूम की नि:शुल्क फोन सेवा १०० पर रातभर पीडि़त व्यक्तियों की शिकायतें पहुंचती है। सम्बन्धित थानों की पुलिस समारोह स्थल तक पहुंच कर एकबारगी माइक बंद भी करवाती है, लेकिन पुलिस के रवाना होते ही तेज व कर्कश आवाज में संगीत शुरू हो जाता है।
देर रात तक पढऩे वाले विद्यार्थी परेशान
दसवीं व बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं सिर पर हैं। विश्वविद्यालय व अन्य परीक्षाएं भी नजदीक हैं। एेसे में विद्यार्थी देर रात तक जाग कर पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन शादी समारोहों के सीजन के चलते देर रात तक गली मोहल्लों में तेज आवाज में संगीत बज रहा है। इसके अलावा वृद्धजन भी खासे परेशान हैं। वे रात भर १०० नम्बर पर शिकायतें करते हैं। फिर भी आशातीत परिणाम नहीं मिल पाते।
पुलिस देती है इजाजत
यदि किसी को संगीत समारोह आयोजित करना है अथवा किसी अन्य कार्यक्रम में लाउड स्पीकर या माइक के उपयोग की आवश्यकता होती है तो आयोजक को पुलिस में आवेदन कर इजाजत लेनी होती है। जांच के बाद पुलिस रात दस बजे तक ही लाउड स्पीकर या संगीत बजाने की इजाजत देती है। रात दस बजते ही लाउड स्पीकर बंद करना होता है, लेकिन सितम यह है कि अधिकतर कार्यक्रम बगैर इजाजत के ही हो जाते हैं। उनमें भी देर रात तक लाउडर स्पीकर बजता रहता है।