
जोधपुर। शहरवासियों का ड्रीम प्रोजेक्ट एलिवेटेड रोड के निर्माण की प्रकिया अभी तक पूरी तरह शुरू नहीं हो पाई है। एलिवेटेड रोड बनाने का कार्य लेने वाली कम्पनी के इंजीनियर व श्रमिक मिट्टी के सैम्पल लेते हुए 19 दिन में मंगलवार को चौपासनी रोड से पुराने हाईकोर्ट के सामने पहुंचे, जहां से वे जमीन की मजबूती परखने के लिए जरूरी मिट्टी के सैम्पल ले रहे हैं।
दरअसल, एनएचएआइ की ओर से महामंदिर से आखलिया सर्कल तक एलिवेटेड रोड निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए 7.63 किमी लम्बी एलिवेटेड रोड बनाने का जीटीपी इंफ्रा व आइएससी नामक कम्पनी ने 669 करोड़ रुपए में टेण्डर लिया है। कम्पनी की ओर से गत तीन अप्रेल को आखलिया सर्कल व जूना खेड़ापति बालाजी मंदिर के बीच मिट्टी, पानी व जमीन की मजबूती परखने का काम शुरू किया गया था। मिट्टी के सैम्पल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।
मिट्टी के सैम्पल लेने का कार्य 19 दिन में अब पुराना हाईकोर्ट रोड पहुंचा है। बैरिकेड्स लगाकर कम्पनी के इंजीनियर व श्रमिक सड़क में गड्ढा खोदने के बाद मिट्टी के सैम्पल लिए जा रहे हैं। जिन्हें तुरंत ही जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। एक जगह से सैम्पलिंग में दो से तीन दिन लग रहे हैं। यह कार्य महामंदिर सर्कल तक चलेगा।
मिट्टी के सैम्पल की जांच रिपोर्ट मिलने के आधार पर एनएचएआइ और कम्पनी की ओर से एलिवेटेड रोड के फाउण्डेशन की डिजायन बनेगी। तब एलिवेटेड रोड का कार्य पूर्ण रूप से शुरू हो पाएगा। संभवत: जून के मध्य तक यह कार्य शुरू हो सकता है।
बता दें कि पहले हाइब्रिड मॉडल के तहत एलिवेटेड रोड की अनुमानित लागत करीब 1700 करोड़ रुपए थी, जो टेंडर प्रक्रिया तक आते-आते 938.59 करोड़ रुपए रह गई। इसके बाद इसकी प्रोजेक्ट कॉस्ट 840 करोड़ हुई, लेकिन फाइनेंशियल बिड में इसकी न्यूनतम दर 669 करोड़ रुपए आई। ऐसे में अब 669 करोड़ की लागत से 7.63 किमी लंबी एलिवेटेड रोड बनेगी। जिससे शहरवासियों का आवागमन सुगम हो जाएगा।