14 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जोधपुर आयुर्वेद विश्वविद्यालय: फिजियोलॉजी के प्रोफेसर ढाई साल से डिप्टी सीएम कार्यालय में कार्यरत, कुलगुरु ने लिखी चिट्ठी

जोधपुर आयुर्वेद विश्वविद्यालय के फिजियोलॉजी प्रोफेसर डॉ. राजेश शर्मा ढाई साल से डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर हैं। एनसीएआईएसएम निरीक्षण में उनका टीचर कोड होल्ड होने से लगातार तीसरे साल पीजी की 3 सीटें प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है। कुलगुरु ने उन्हें वापस भेजने के लिए सरकार को पत्र लिखा है।

2 min read
Google source verification
Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Ayurved University

Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Ayurved University (Patrika Photo)

Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Ayurved University: जोधपुर: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के शारीरिक क्रिया विज्ञान (फिजियोलॉजी) विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक गतिरोध सामने आया है। विभाग के प्रोफेसर और एचओडी डॉ. राजेश शर्मा पिछले ढाई साल से जयपुर में उप-मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा (जिनके पास आयुष मंत्रालय भी है) के कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। इस लंबे गतिरोध के कारण विश्वविद्यालय के शैक्षणिक ढांचे को भारी नुकसान पहुंच रहा है।

प्रोफेसर शर्मा की अनुपस्थिति के कारण विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर (पीजी) करने वाले विद्यार्थियों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नियमतः वे हर साल तीन रेजिडेंट डॉक्टर लेते हैं, लेकिन पिछले तीन वर्षों में विश्वविद्यालय को कुल 9 रेजिडेंट डॉक्टरों का नुकसान हो चुका है।

योग्य गाइड न होने के कारण छात्रों को पीजी की पढ़ाई के लिए दूसरे संस्थानों का रुख करना पड़ रहा है। हैरान करने वाली बात यह भी है कि ढाई साल से जयपुर में सेवाएं देने के बावजूद उनका वेतन जोधपुर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा ही दिया जा रहा है।

एनसीएआईएसएम ने लिया कड़ा एक्शन

राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में पीजी सीटों की अनुमति के लिए हर साल नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन द्वारा निरीक्षण किया जाता है। पिछले हफ्ते हुए निरीक्षण के दौरान जब टीम को प्रोफेसर शर्मा लगातार नदारद मिले, तो कमीशन ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनका 'शिक्षक कोड' होल्ड कर दिया। इस कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय को लगातार तीसरे साल भी पीजी की 3 सीटों का नुकसान होना तय माना जा रहा है।

कुलगुरु ने लिखा पत्र, जांच भी लंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. गोविंद सहाय शुक्ल ने सरकार को पत्र लिखकर डॉ. शर्मा को तुरंत वापस विश्वविद्यालय भेजने का आग्रह किया है। इसके अलावा, प्रोफेसर शर्मा के अकादमिक अनुभव को लेकर मिली शिकायतों पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्रिस्तरीय जांच के बाद मामला जोधपुर संभागीय आयुक्त को सौंपने के लिए सरकार को पत्र लिखा है, जो फिलहाल लंबित है।

प्रोफेसर राजेश शर्मा का टीचर कोड होल्ड कर दिया है। हमें हर साल पीजी की तीन सीट का नुकसान हो रहा है। मैंने सरकार को पत्र लिखकर प्रोफेसर शर्मा को वापस विवि भेजने का निवेदन किया है।
-प्रो. गोविंद सहाय शुक्ल, कुलगुरु, डॉ. एसआरआर आयुर्वेद विवि जोधपुर