मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के 'हर परिवार को पक्का घर' के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने मेधावी पहल की है। 'गृह गौरव' अभियान के तहत बुधवार को जोधपुर में दर्जनों परिवारों का अपने घर का सपना हकीकत में बदल गया।
राजस्थान की सूर्य नगरी जोधपुर में बुधवार का दिन 38 परिवारों के लिए जीवन का सबसे यादगार दिन बन गया। जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के प्रांगण में आयोजित “गृह गौरव: खुशियों की चाबी” कार्यक्रम के दौरान संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने मुख्यमंत्री जन आवास योजना के लाभार्थियों को उनके अपने आशियाने की चाबियाँ सौंपी।
इस अवसर पर मंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुरूप प्रदेश की 'डबल इंजन' सरकार हर छत विहीन परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है।
जोधपुर विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम बड़ली के खसरा संख्या 88 में इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को विकसित किया गया है।
मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत इस प्रोजेक्ट का खाका आर्थिक रूप से कमजोर और अल्प आय वर्ग को ध्यान में रखकर खींचा गया है
संसदीय कार्य मंत्री ने प्रदेश में चल रहे आवास मिशन के आंकड़े साझा करते हुए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई:
विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने भावुक होते हुए कहा, "अपना घर होना हर व्यक्ति का सबसे बड़ा सपना होता है। मुख्यमंत्री जन आवास योजना के माध्यम से हम न केवल छत दे रहे हैं, बल्कि गरीब परिवारों को समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का आधार प्रदान कर रहे हैं।" उन्होंने सभी आवंटियों को बधाई देते हुए उनके सुखद और मंगलमय भविष्य की कामना की।
जोधपुर विकास प्राधिकरण इस योजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में जुटा है। शेष आवासों के निर्माण कार्य में भी तेजी लाई जा रही है ताकि बचे हुए आवंटियों को भी जल्द से जल्द उनके घरों का कब्जा दिया जा सके।
राजस्थान में 'मुख्यमंत्री जन आवास योजना' प्रदेश की एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के उन गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को अपना पक्का घर उपलब्ध कराना है, जिनके पास खुद की छत नहीं है।
यह योजना मुख्य रूप से दो आय वर्गों के लिए बनाई गई है:
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ बाजार मूल्य (Market Rate) से काफी कम दाम पर फ्लैट्स या मकान उपलब्ध कराए जाते हैं। सरकार जमीन और संसाधनों पर सब्सिडी देती है, जिससे आम आदमी का बोझ कम हो जाता है।