राइजिंग राजस्थान में 15 हजार करोड़ के निवेश एमओयू हुए और 50 हजार से ज्यादा सीधे रोजगार के दावे हैं। ऐसे में यहां भी स्किल वर्क फोर्स की जरूरत रहेगी।
जोधपुर और पश्चिमी राजस्थान का औद्योगिक विकास पिछले दो दशक में तेजी से बढ़ा है। नए उद्योग स्टार्टअप और आइटी हब विकसित हो रहे हैं। ऐसे में हर साल स्किल वर्क फोर्स की परिभाषा बदल रही है। दूसरी ओर हमारे संस्थान पुराने तरीके से ही स्किल फोर्स तैयार कर रहे हैं। उद्योगों को एआइ-ऑटोमेशन की वर्क फोर्स चाहिए, लेकिन फिटर-वेल्डर तैयार हो रहे हैं। औद्योगिक संगठनों की माने तो चार बड़े सेक्टर में हर साल 25 हजार से ज्यादा स्किल कर्मचारियों की जरूरत होती है।
एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल प्रमोशन फॉर हैंडीक्राफ्ट स्किल ट्रेनिंग उपलब्ध करा रहा है। इसमें केन्द्र सरकार भी साथ देती है।
शहरों के साथ ग्रामीण स्किल डवलपमेंट जरूरी है। सरकार व संस्थाओं को जहां पर जैसे उद्योग हैं उसके अनुसार ही ट्रेनिंग प्रदान करनी चाहिए।-
महावीर चौपड़ा, प्रदेश उपाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती
आने वाले कुछ माह में रिफाइनरी पूरी तरह से ऑपरेशन में आएगी व पेट्रो केमिकल उत्पादों की इंडस्ट्री लग सकती है। साथ ही सोलर उपकरण बनाने वाली इंडस्ट्री भी आएगी। राइजिंग राजस्थान में 15 हजार करोड़ के निवेश एमओयू हुए और 50 हजार से ज्यादा सीधे रोजगार के दावे हैं। ऐसे में यहां भी स्किल वर्क फोर्स की जरूरत रहेगी।