
जोधपुर.
माचिया जैविक उद्यान परिसर में स्थित प्रकृति निर्वचन केन्द्र (नेचर इन्टरप्रीटिशन सेन्टर ) में वन्यजीव ट्रॉफियों का संग्रहालय बनाया जाएगा। इसके लिए आरएसआरडीसी को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। प्रथम चरण में करीब 50 लाख खर्च किए जाएंगे।
इस संग्रहालय में जोधपुर जंतुआलय में पिछले पांच दशकों में मृत वन्यजीवों की ट्रॉफियों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। इनके माध्यम से माचिया बॉयलोजिकल पार्क आने वाले देसी-विदेशी पर्यटक वन्यजीवों के अनूठे संसार को देख सकेंगे। माचिया जैविक उद्यान के रेंजर ने बताया कि कुल 17 वन्यजीवों की ट्राफियों को नेचर इन्टरप्रीटिशन सेन्टर में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा गया हैं। यह ट्रॉफियां वर्तमान में उपवन संरक्षक कार्यालय के स्टॉक में रखी है । इनमें तीन लॉयन, तीन पैंथर, एक भालू, एक घडि़याल, एक लोमड़ी, नेवला व शेर के दो शावक सहित एक तोते की ट्राफी शामिल हैं।
पिछले कई दशक से वनविभाग के वन्यजीव मंडल के पास वन्यजीव ट्राफियां प्रदर्शित करने के लिए लंबे अर्से से एक उचित भवन के अभाव होने से ट्रॉफियां धूल फांक रही थी। प्रदर्शित करने से पूर्व विशेषज्ञ टेक्सीडर्मिस्ट के सहयोग से ट्रॉफियों का रासायनिक उपचार किया जाएगा। वर्तमान में प्रकृति निर्वचन केन्द्र के कक्ष में राजस्थान के थार मरुस्थल इलाकों में पाए जाने वाले वन्यजीवों के दुर्लभ चित्र और वन तथा पर्यावरण से जुड़ी सामग्री दर्शकों में खासी लोकप्रिय है।
पिछले कई दशक से वनविभाग के वन्यजीव मंडल के पास वन्यजीव ट्राफियां प्रदर्शित करने के लिए लंबे अर्से से एक उचित भवन के अभाव होने से ट्रॉफियां धूल फांक रही थी। प्रदर्शित करने से पूर्व विशेषज्ञ टेक्सीडर्मिस्ट के सहयोग से ट्रॉफियों का रासायनिक उपचार किया जाएगा। वर्तमान में प्रकृति निर्वचन केन्द्र के कक्ष में राजस्थान के थार मरुस्थल इलाकों में पाए जाने वाले वन्यजीवों के दुर्लभ चित्र और वन तथा पर्यावरण से जुड़ी सामग्री दर्शकों में खासी लोकप्रिय है।
आकर्षक तरीके से होगी प्रदर्शित ट्राफियां
माचिया में स्थित प्रकृति निर्वचन केन्द्र में लॉयन, पैंथर, भालू, घडि़याल, लोमड़ी, नेवला व शेर शावकों आदि की पुरानी ट्राफियों को आकर्षक तरीके प्रदर्शित करने का प्रस्ताव आरएसआरडीसी को भेजा गया है। जल्द ही माचिया के दर्शकों को वन्यजीव संंग्रहालय में वन्यजीव ट्राफियां देखने का अवसर मिलेगा।
-अशोकाराम पंवार, क्षेत्रीय वनअधिकारी, माचिया जैविक उद्यान जोधपुर