
सूरसागर तालाब में जाता था पानी-कुछ दशक पहले तक खरबूजा बावड़ी का पानी ओवरफ्लो होकर सूरसागर तालाब में जाता था। लेकिन वर्तमान में सूरसागर तालाब और बावड़ी के बीच जगह-जगह अतिक्रमण के हालात बने हुए हैं। कुछ दिन पहले ही इस बावड़ी के पास से लोग मिट्टी खोद कर ले गए थे। इस कारण से भी बावड़ी के पानी का प्रेशर दीवार की तरफ बढ़ा।

सूरसागर तालाब में जाता था पानी-कुछ दशक पहले तक खरबूजा बावड़ी का पानी ओवरफ्लो होकर सूरसागर तालाब में जाता था। लेकिन वर्तमान में सूरसागर तालाब और बावड़ी के बीच जगह-जगह अतिक्रमण के हालात बने हुए हैं। कुछ दिन पहले ही इस बावड़ी के पास से लोग मिट्टी खोद कर ले गए थे। इस कारण से भी बावड़ी के पानी का प्रेशर दीवार की तरफ बढ़ा।

पहले पनपते थे खरबूजे-सूरसागर की खरबूजा बावड़ी के पानी से आस-पास क्षेत्र में मीठे खरबूजों की खेती होती थी। जोधपुर शहर में इंदिरा गांधी नहर की आपूर्ति शुरू होने के बाद लोगों ने प्राचीन जलस्रोतों को भुला दिया। इस उपेक्षा की शिकार खरबूजा बावड़ी भी हुई। स्वार्थ रूपी खंजरों के घाव से बावड़ी में सीवरेज का पानी भी जाने लगा। वर्तमान में बावड़ी में सीवरेज का गंदा पानी भरा है। दो दिन पहले तेज बरसात आई तो यह बावड़ी दबाव झेल नहीं पाई और दीवार ढह गई।

पहले पनपते थे खरबूजे-सूरसागर की खरबूजा बावड़ी के पानी से आस-पास क्षेत्र में मीठे खरबूजों की खेती होती थी। जोधपुर शहर में इंदिरा गांधी नहर की आपूर्ति शुरू होने के बाद लोगों ने प्राचीन जलस्रोतों को भुला दिया। इस उपेक्षा की शिकार खरबूजा बावड़ी भी हुई। स्वार्थ रूपी खंजरों के घाव से बावड़ी में सीवरेज का पानी भी जाने लगा। वर्तमान में बावड़ी में सीवरेज का गंदा पानी भरा है। दो दिन पहले तेज बरसात आई तो यह बावड़ी दबाव झेल नहीं पाई और दीवार ढह गई।