
जोधपुर. जेएनवीयू में नामवरसिंह व्याख्यान माला पुन: प्रारम्भ की जाएगी। यह घोषणा नवनियुक्त कुलपति प्रो. गुलाबसिंह चौहान ने मंगलवार को राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित अभिनंदन समारोह में की।
कला संकाय के संगोष्ठी कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व कुलपति प्रो. लक्ष्मणसिंह राठौड़ ने प्रो. चौहान के विद्यार्थी जीवन से कुलपति पद तक की यात्रा को युवा शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी बताया।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. एसएल मीणा, राजनीति विज्ञान परिषद के महासचिव प्रो. संजीवकुमार शर्मा, कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. कौशलनाथ उपाध्याय, डॉ. रामसिंह आढ़ा, सहायक आचार्य डॉ. दिनेश गहलोत, प्रो. डीएस खींची, प्रो. चैनाराम चौधरी, प्रो. जेएस शेखावत, प्रो. कल्पना पुरोहित, प्रो. अरविन्द परिहार, प्रो. सुखबीर सिंह बैस, प्रो. जैताराम, प्रो. विनिता परिहार, प्रो. मदन मोहन, प्रो. श्रवण कुमार मीणा मौजूद थे।
जेएनवीयू शैक्षिक संघ और रूक्टा राष्ट्रीय की ओर से भी प्रो. चौहान का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर ‘उच्च शिक्षा में शिक्षक की भूमिका’ विषयक संगोष्ठी में मुख्य वक्ता सिण्डीकेट सदस्य डॉ. रिछपाल सिंह ने कहा कि आज शिक्षकों के लिए आत्मनिरीक्षण और मूल्यांकन करने की जरूरत है। अध्यक्षता सिण्डीकेट सदस्य डॉ. मदन राठौड़ ने की।
डॉ. आढ़ा की पुस्तक का विमोचन
कुलपति प्रो. चौहान ने मंगलवार को राजनीति विज्ञान के सहआचार्य डॉ. रामसिंह आढ़ा की पुस्तक ‘राजनीति विज्ञान’ का लोकार्पण किया। इस मौके पर प्रो. संजीव कुमार शर्मा, विभाग के डॉ. वीडी देवल, कुलसचिव बी.एस. सांदु, आरएएस 2016 टॉपर भवानीसिंह चारण, आरएएस जयपाल सिंह राठौड़ मौजूद थे।