
जोधपुर. पाकिस्तान के रास्ते जैसलमेर के सम धोरों में शुक्रवार शाम को एक नया टिड्डी दल आया। एयरफोर्स के एमआई-17 हेलीकॉप्टर को जोधपुर में तकनीकी हरी झंडी मिलने के बाद इसे शाम को जैसलमेर रवाना कर दिया गया। एयरफोर्स का हेलीकॉप्टर शनिवार सुबह पहली बार टिड्डी दल पर पेस्टीसाइड स्प्रे करेगा। एयरफोर्स ने पेस्टीसाइड स्प्रे के लिए खुद ही स्प्रेयर विकसित किया है।
उधर बाड़मेर में निजी कम्पनी का हेलीकॉप्टर तीसरे दिन भी ऑपरेशन शुरू नहीं कर सका। दो दिन देरी से पहुंचे हेलीकॉप्टर को शुक्रवार को टिड्डी नजर नहीं आई। बाड़मेर में बड़ा टिड्डी दल नहीं होने से इसके पंखें बंद रहे। हालांकि निजी कम्पनी के हेलीकॉप्टर को उड़ान भरते समय सामरिक क्षेत्रों से बचकर रहना होगा, जबकि एयरफोर्स का हेलीकॉप्टर सभी जगह उड़ान भर सकेगा।
दो राज्यों में किया गया टिड्डी नियंत्रण
टिड्डी चेतावनी संगठन द्वारा शुक्रवार को राजस्थान और मध्यप्रदेश में टिड्डी नियंत्रण का कार्य किया गया। इसके अंतर्गत 42 वाहन, 47 ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर, 9 फ़ायर ब्रिगेड और 9 ड्रोन उपयोग किए गए। राजस्थान में जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, नागौर, सीकर, जयपुर व अलवर में टिड्डी नियंत्रण कार्य किया। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले की जतारा तहसील के वर्मादोंग, जनकपुर नामक गांवों में टिड्डी नियंत्रण कार्य किया गया।
जोधपुर में 15 जगह नियंत्रण
जोधपुर में बालेसर, देचू, शेरगढ़, तिंवरी, सेखाला, पीपाड़ के अलावा जोधपुर शहर के पास मणाई इंद्रोका में टिड्डी मारी गई। कृषि विभाग द्वारा यहां 15 स्थानों पर ऑपरेशन किया गया। अधिकांश टिड्डी आधा से एक किलोमीटर लंबे-चौड़े थे।