
गजेंद्र ङ्क्षसह दहिया/जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के नवनियुक्त छात्रसंघ अध्यक्ष सुनील चौधरी के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्वयं के छात्रावास की दशा को सुधारना है, ताकि उनके साथी छात्रों को भी राहत मिल सके। अध्यक्ष बनने के बाद पहले ही दिन राजस्थान पत्रिका ने सुनील से नया परिसर स्थित देरा श्री छात्रावास में मुलाकात की, जहां अपने साथी छात्रों के साथ वे प्रफुल्लित दिखे। सुनील ने अपनी प्राथमिकता में स्वयं के छात्रावास सहित विवि के सभी छात्रावासों की मरम्मत व आधुनिकीकरण कार्य को सर्वोपरि बताया।
एमबीए प्रथम सेमेस्टर के छात्र सुनील का पहला दिन छात्रों और शुभचिंतकों के साथ बीता। सुनील चुनाव जीतने के बाद पुलिस के साथ रात 2.30 बजे सबसे पहले नया परिसर ही पहुंचे, जहां उन्होंने बाहर से नया परिसर की जमीन को चूमा। उसके बाद वे पिलार बालाजी स्थित अपने साथियों के पास चले गए। बुधवार सुबह सर्किट हाउस में कांग्रेस के पदाधिकारियों से आशीर्वाद लिया। जेडीए के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र सोलंकी के घर गए। इसके बाद उन्होंने विवि के कुछ शिक्षकों के घर जाकर आशीर्वचन लिया। यहां से वे छात्रावास पहुंचे और छात्रों के साथ हंसी मजाक की। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष दिनेश गहलोत, जगदीश जाखड़, महेंद्र सहित कई छात्र नेता साथ थे। दिनेश ने इस जीत का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को दिया। सुनील दिनभर लोगों की शुभकामनाएं लेने में व्यस्त रहे।
हर कैंपस की अलग प्राथमिकता
सुनील ने बताया कि विवि के हर कैंपस की अलग समस्या व अलग आवश्यकता है। केएन कॉलेज में समय पर कक्षाएं नहीं लगती हैं। ऐसे में उनका प्राथमिक काम वहां नियमित कक्षा संचालन व लाइब्रेरी की दशा सुधारना होगा। एमबीएम इंजीनियङ्क्षरग कॉलेज में प्लेसमेंट सैल को मजबूत किया जाएगा ताकि छात्रों को रोजगार के अच्छे अवसर मुहैया हो सके। नया परिसर में खेल सुविधाएं नहीं के बराबर हैं। यहां विभिन्न खेलों को मजबूती प्रदान की जाएगी। पुराना परिसर विभिन्न छात्र हित कार्य किए जाएंगे।
खारिज मतों पर मूल सिंह को आपत्ति, कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष चुनाव में 9 वोट से हारने वाले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रत्याशी मूल सिंह राठौड़ ने चुनाव परिणाम को कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। राठौड़ ने कहा कि वह गुरुवार को विवि के छात्रसंघ चुनाव की ग्रीवेंस रिड्रेसल सैल को परिणाम पर आपत्ति देंगे। वहां कुछ नहीं होने के बाद कोर्ट में याचिका दायर करेंगे। मूल सिंह को मतगणना के दौरान कुल मतों में से खारिज किए गए 589 मतों पर आपत्ति है। उनका कहना है कि इसमें से अधिकांश वोट उसके हैं और केवल मामूली गलती को आधार बताकर वोट खारिज कर दिए गए। विवि ने सभी मतों को मतपेटियों में सुरक्षित रखा है।
विवि में छात्रसंघ चुनाव के लिए 10 सितम्बर को मतदान हुआ। इसमें एपेक्स अध्यक्ष के लिए 21 हजार 499 मतदाताओं में से से 9936 ने वोट दिया। अध्यक्ष पद पर चार प्रत्याशी एबीवीपी के मूल सिंह, एनएसयूआई के सुनील चौधरी, एसएफआई के दमाराम व एआईएसएफ के अरविंद सिंह राजपुरोहित मैदान में थे। रात नौ बजे अध्यक्ष पद के लिए खत्म हुई मतगणना में सुनील चौधरी मूल सिंह से 39 वोट आगे थे। मूल सिंह के एतराज पर हुई पुनर्मतगणना के बाद सुनील के 26 वोट खारिज हुए और दो वोट मूल सिंह के खाते में जुड़े फिर भी सुनील 9 मत से विजयी रहा।