
अमित दवे/जोधपुर. जोधपुर रेल मण्डल के छोटे स्टेशनों पर कम आय होते हुए भी नई गाडिय़ों का ठहराव दिया जा रहा है। ये ऐसे स्टेशन हैं, जहां बहुत कम यात्री चढ़ते-उतरते हैं। इसके विपरीत अनुपनगरीय (एनएसजी) 6 श्रेणी के दायरे में आने वाले स्टेशन, जिनसे रेलवे को आय में बढ़त नहीं मिल रही, फिर भी वहां कई गाडिय़ों के ठहराव दिए गए हैं। जोधपुर मण्डल के रेण स्टेशन पर आय होते हुए भी अतिरिक्त गाडिय़ों का ठहराव नहीं दिया जा रहा।
आय में फिसड्डी, फिर भी ठहराव
आरटीआई कार्यकर्ता दीनदयाल बंग को सूचना के अधिकार के तहत रेलवे बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार, जोधपुर मण्डल में एनएसजी 6 श्रेणी में आने वाले छोटी खाटू, खुनखुना और तालछापर स्टेशन सालाना 50 लाख से भी कम आय देते हैं। लेकिन इन स्टेशनों पर 22421-22 सालासर एक्सप्रेस का ठहराव होता है। 3 अप्रेल से शुरू 04831-32 जोधपुर-हरिद्वार व 16 अप्रेल से शुरु 09453-54 गांधीधाम-जालंधर सिटी गाडिय़ों के एनएसजी 5 श्रेणी के सभी स्टेशनों जैसे डेगाना, डीडवाना, लाडनंू, सुजानगढ़, रतनगढ़, चूरू सहित इस श्रेणी के सभी स्टेशनों पर ठहराव दिया हुआ है। 50 लाख से कम सालाना आय वाले एनएसजी 6 श्रेणी के स्टेशन छोटी खाटू, खाटू में भी दोनों गाडिय़ों के ठहराव दिए हुए है। ऐसे ही 15623-24 जोधपुर कामाख्या एक्सप्रेस का भी एनएसजी 6 श्रेणी के खाटू, छोटी खाटू स्टेशन व 19027-28 विवेक एक्सप्रेस का एनएसजी 6 श्रेणी के छोटी खाटू स्टेशन पर ठहराव होता है, जबकि सालाना एक करोड़ 70 लाख आय वाले एनएसजी 5 श्रेणी के रेण स्टेशन पर ठहराव नहीं है। बाकी सभी एनएसजी 5 श्रेणी के सभी स्टेशनों पर इन गाडिय़ों का ठहराव होता है।
रेण स्टेशन पर 57 प्रतिशत आय बढ़ी
जोधपुर मण्डल के रेण रेलवे स्टेशन से वित्तीय वर्ष 2017-18 में 57 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1.65 करोड़ की आय अर्जित हुई। वही गत वर्ष की तुलना में अन्य नजदीकी मेड़ता रोड व डेगाना जंक्शनों की आय महज 10 प्रतिशत ही बढ़ी।
वित्तीय वर्ष---- आय यात्री
2012-13--करीब 30 लाख 2.00 लाख
2013-14--करीब 50 लाख 2.65 लाख
2014-15-- करीब 70 लाख 2.46 लाख
2015-16-- करीब 95 लाख 2.90 लाख
2016-17-- करीब 1.04 करोड़ 3.00 लाख
2017-18-- करीब 1.65 करोड़ 3.70 लाख