
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जैसलमेर जिले में स्थित पालीवालों के प्राचीन गांव कुलधरा मेंं पुनरुद्धार एवं संरक्षण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कुलधरा परिसर की सडक़ के दायीं ओर स्मारकों के आस-पास किसी तरह के नवनिर्माण एवं वाणिज्यिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है।
मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महांति तथा न्यायाधीश डॉ.पुष्पेंद्रसिंह भाटी की खंडपीठ ने सुनील पालीवाल की ओर से दायर जनहित याचिका राज्य सरकार को कुलधरा के संरक्षण, जीर्णोद्धार और विकास के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। याची के अधिवक्ता मानस रणछोड़ खत्री ने कहा कि स्मारक के पास पुराने श्मशान में बनी समाधियों को भी संरक्षित क्षेत्र में शामिल किया जाए। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को एक विस्तृत प्रतिवेदन राज्य सरकार को भेजने को कहा है। सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि इस प्रतिवेदन पर सम्यक विचार किया जाए। कोर्ट ने कहा कि कुलधरा में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) की सिफारिश के अनुसार गार्ड रूम को को छोडकऱ पूर्व निर्मित कोई निर्माण हटाने की आवश्यकता नहीं है।