
Rajasthan : जोधपुर. पश्चिमी राजस्थान की महत्वपूर्ण जवाई सिंचाई परियोजना की पुरानी नहरों के अब जीर्णोद्धार की तैयारी है। जल संसाधन विभाग की ओर से जवाई बांध की नहरों के सुधार के लिए 24.69 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है और कार्य की निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जवाई बांध परियोजना का निर्माण वर्ष 1957 में पूरा हुआ था। वर्तमान में इसकी नहर प्रणाली से पाली और जालोर जिलों के 57 गांवों में 38,671 हेक्टेयर कमांड एरिया में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इनमें पाली जिले के 33 गांवों का 25,825 हेक्टेयर और जालोर जिले के 24 गांवों का 12,845.60 हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र शामिल है। इससे करीब 38,600 कृषक परिवार लाभान्वित होते हैं।
नहर संचालन के दौरान कई स्थानों पर सीपेज और लीकेज के कारण पानी की उपलब्धता और भूमि की सिचाई दक्षता प्रभावित हो रही है। साथ ही नहर तंत्र के कुछ हिस्सों में मरम्मत की जरूरत है। नहर के हेड पर मैकेनिकल गेट के जीर्णोद्धार, साइफन और पुलिया से रिसाव रोकने, नहर के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत तथा आवश्यक स्थानों पर सुधार कार्य किए जाएंगे।
1- जवाई परियोजना से पाली-जालोर के 57 गांव जुड़े।
2- कुल कृषि योग्य कमांड क्षेत्र : 38,671 हेक्टेयर।
3- लाभान्वित कृषक परिवार: करीब 38,600।
4- नहर तंत्र की कुल लंबाई: 233.80 किमी।
5- जीर्णोद्धार की अनुमानित लागत : 24.69 करोड़ रुपए।
जवाई बांध से निकलने वाली मुख्य नहर की लंबाई करीब 23.10 किमी, पांच वितरिकाओं की लंबाई 133.30 किमी और 16 माइनरों की लंबाई 97.40 किमी बताई गई है। इस तरह नहर तंत्र की कुल लंबाई करीब 233.80 किमी है।