जोधपुर

सर्दी से पहले ही पेलिकन्स ग्रुप की जोधपुर में दस्तक

गुड़ा तालाब पर एक हजार से अधिक कुरजां पहुंची शिकारी पक्षियों के साथ गिद्धों के समूह भी पहुंचने शुरू
2 min read
Pelikans Group's knock in Jodhpur before winter
सर्दी से पहले ही पेलिकन्स ग्रुप की जोधपुर में दस्तक

जोधपुर. शीतकाल में मारवाड़ के विभिन्न क्षेत्रों में आने वाले मेहमान पक्षियों का कलरव इन दिनों जोधपुर सहित आसपास के जलाशयों पर सुनाई देने लगा है। जोधपुर सहित समूचे मारवाड़ में वेबलर, टेलर, लार्क, इंडियन रोलर, बी-ईटर, पेलिकन्स, मालार्ड, पिन्टेल, स्पॉट बिल, पर्पल मुरहेन व शिकारी पक्षियों सहित करीब ८० से अधिक प्रजातियों के प्रवासी पक्षियों का आगमन होता है। जोधपुर के कायलाना सहित निकटवर्ती गुड़ा विश्नोइयां, जाजीवाल, कोरना, सरदार समंद के आस-पास पेलिकन्स सहित प्रवासी पक्षी कुरजां के समूह ने दस्तक दी है। अकेले गुड़ा तालाब पर इन दिनों एक हजार से अधिक कुरजां के समूह का कलरव गूंजने लगा है। पक्षी विशेषज्ञ व वैज्ञानिक पक्षियों की गतिविधियों और स्थितियों पर नजर रखे हुए हैं। बढती सर्दी के साथ-साथ इस बार पक्षियों का सतरंगी संसार भी बढऩे की उम्मीद है। इस बार अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में ही जोधपुर के आसपास कुरजां, पेलिकन, डार्टर, नोर्देर्न शोवलर, कॉमन टील, शिकारी पक्षी और गिद्धों की विभिन्न प्रजातियों का आगमन हो चुका है। पेलिकन का प्रथम समूह भी अखेराज जलाशय में नजर आया है। लॉन्ग बिल्ड वल्चर मेहरानगढ़ और केरू डम्पिंग स्टेशन के पास समूह के रूप में नजर आए हैं। बड़ली तालाब पर इजिप्शियन वल्चर और स्पॉटेड ईगल ने दस्तक दे दी है।

जोधपुर से मुंह मोड़ सकते हैं जलीय पक्षी

इस साल जोधपुर के आसपास कम बारिश होने के कारण जलीय पक्षियों का आगमन और ठहराव कम होने की संभावना है। सिर्फ कायलाना रोड़ स्थित अखेराज तालाब, बख्त सागर और सरदार समंद में ही जलीय पक्षियों का रुझान हो सकता है। कम बरसात के कारण जलाशयों में पानी दो माह से अधिक नहीं रहेगा। इसीलिए पानी में तैरने वाले पक्षी प्रचूर मात्रा में पानी वाली जगहों पर ही ज्यादा ठहराव कर सकते हैं। इस बार बड़ी संख्या में मूर्तियों के विसर्जन के कारण उम्मेद सागर जलाशय से भी मेहमान पक्षियों ने मुंह मोड़ लिया है। मारवाड़ के प्रमुख जलाशयों को संरक्षित कर मूर्तियों के विसर्जन पर रोक और पक्षियों के पड़ाव स्थल के आसपास बिजली की लाइनों को अंडरग्राउण्ड किए जाने की आवश्यकता है।

-शरद पुरोहित, सर्प एवं पक्षी प्रवास विशेषज्ञ जोधपुर

Published on:
05 Oct 2018 09:17 pm