
जोधपुर। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जिस नए एयरपोर्ट टर्मिनल का जोधपुर पिछले साढ़े तीन दशकों से इंतजार कर रहा था, वह अब जनता की सेवा के लिए तैयार है। 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे। शुक्रवार को दिल्ली से गृह जनपद पहुंचे शेखावत ने एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि जोधपुर का एयरपोर्ट केवल शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे पश्चिमी राजस्थान की एयर कनेक्टिविटी का प्रमुख केंद्र है।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था के विस्तार और तेजी से हुए विकास के कारण हवाई यात्रा करने वालों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि पहले जो लोग हवाई यात्रा की कल्पना भी नहीं करते थे, वे आज विमान से सफर कर रहे हैं। बढ़ती मांग के कारण पुराने एयरपोर्ट टर्मिनल पर लगातार दबाव बढ़ रहा था, इसलिए नए और आधुनिक टर्मिनल का निर्माण समय की आवश्यकता बन गया था। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब यह सपना साकार होने जा रहा है। टर्मिनल से जुड़ी तकनीकी स्वीकृतियों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
निरीक्षण के लिए समिति पहुंच चुकी है और उम्मीद है कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं आज शाम तक अथवा अधिकतम कल तक पूरी हो जाएंगी। इसके बाद अंतिम निरीक्षण भी निर्धारित समय में पूरा कर लिया जाएगा। शेखावत ने विश्वास जताया कि 4 जुलाई से जोधपुर और पश्चिमी राजस्थान के लोग नए, आधुनिक और अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त टर्मिनल भवन से अधिक सुगम, सुविधाजनक और बेहतर हवाई यात्रा का लाभ उठा सकेंगे। नया टर्मिनल क्षेत्र की बढ़ती हवाई यातायात आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ पर्यटन, व्यापार और निवेश को भी नई गति प्रदान करेगा।
नया टर्मिनल पूरी तरह एमएस (माइल्ड स्टील) आधारित मॉड्यूलर स्ट्रक्चर पर बनाया गया है। यही वजह है कि विशाल स्पैन के बावजूद लाउंज क्षेत्र में केवल छह कॉलम ही लगाए गए हैं। यह तकनीक रेलवे ओवरब्रिज जैसे ढांचों में उपयोग होती है, जिससे निर्माण तेज और सुगम हुआ। करीब 240 गुणा 110 मीटर क्षेत्र में फैला यह टर्मिनल पुराने भवन से लगभग तीन गुना बड़ा है।
यहां छह एयरोब्रिज लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को सीधे टर्मिनल से विमान में प्रवेश की सुविधा मिलेगी। पुराने टर्मिनल में यह सुविधा नहीं थी। योजना के अनुसार वर्ष के अंत तक सभी उड़ानों का संचालन नए टर्मिनल से शुरू कर दिया जाएगा, जबकि पुराने भवन को एयरपोर्ट म्यूजियम या एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस यूनिट में बदला जा सकता है।