
अविनाश केवलिया/जोधपुर. राजनीति के क्षेत्र में उतर रहे नए धुरंधर शिक्षा के क्षेत्र में भी पिछड़े नहीं है। इस बार के चुनाव में जो नए नेता दावेदारी कर रहे हैं वे लगभग सभी पढ़े-लिखे हैं। लेकिन जोधपुर संभाग के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में भी कई नेता विदेशों तक में पढ़े हैं। हालांकि एक चौथाई नेता ऐसे भी हैं जो बमुश्लिक दसवीं तक पहुंचे हो फिर भी राजनीतिक चौसर पर अपनी बिसात सालों से जमाए बैठे हैं। जोधपुर संभाग के छह जिलों की 33 सीटों की बात करें तो करीब एक चौथाई विधायक ऐसे हैं तो शिक्षा के क्षेत्र में थोड़े कमजोर हैं। लेकिन इनमें भी कई सालों से सफल राजनेता हैं। कई नेता विधि के जानकार हैं तो कई तकनीकी शिक्षा में भी एक्सपर्ट हैं। खेल मंत्री व लोहावट विधायक गजेन्द्रसिंह खींवसर कनाड़ा से बीबीए और शिव विधायक मानवेन्द्रसिंह स्कूल ऑफ ऑरियंटेशन एवं अफ्रिकन स्टडीज लंदन से एम.ए है।
विधि के जानकार ये नेताजी
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एलएलबी है। इसके अलावा लूणी विधायक जोगाराम पटेल, सांचौर विधायक सुखराम विश्नोई, शहर विधायक कैलाश भंसाली एलएलबी के साथ सीए भी किए हुए हैं। जलदाय मंत्री और जैतारण विधायक सुरेन्द्र गोयल भी विधि के जानकार है।
पढ़े-लिखे ज्यादा नहीं, राजनीतिक बिसात में अव्वल
सिरोही विधायक ओटाराम देवासी ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं है, लेकिन धार्मिक कार्यों के साथ राजनीति में सफल हुए हैं। पांच बार से विधायक सूर्यकांता व्यास भी प्राथमिक शिक्षा ही हासिल की हुई है। भोपालगढ़ विधायक और राज्य मंत्री कमसा मेघवाल भी छठीं कक्षा तक पढ़ी हैं। रेवदर विधायक जगसीराम कोली छठीं, पिंडवाड़ा विधायक समाराम और सिवाना विधायक हमीरसिंह आठवी कक्षा तक पढ़े हैं। जैसलमेर विधायक छोटूसिंह व बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन सैकण्डरी उत्तीर्ण हैं।
प्रचार के नए सिस्टम से अपडेट हैं नेताजी
राजनीतिक पार्टियों ने जो नए मापदंड सोशल मीडिया के लिए जारी किए हैं उनमें भी पढ़े-लिखे नेताजी ही ज्यादा एक्टिव नजर आ रहे हैं। संभाग के ऐसे 8-10 विधायक हैं जो ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं। वे सोशल मीडिया पर भी ज्यादा सक्रिय नहीं दिखते। कुछ नेताओं के परिवार व अन्य समर्थक सोशल मीडिया पर एक्टिव है। लेकिन जितना अन्य विधायक है उसके मुकाबले काफी कम।
(स्रोत - पिछले चुनावों में नामांकन के समय दी गई जानकारी)