
जोधपुर। रसूखदार की हत्या की सुपारी लेकर जोधपुर पहुंचे पंजाब के दो शार्प शूटरों को पुलिस ने वारदात को अंजाम देने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। अब पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पाली-सिरोही हाईवे के किनारे बबूल की घनी झाड़ियों में छिपाकर रखे हथियारों का जखीरा बरामद किया है। पुलिस को यहां से दो अत्याधुनिक 9 एमएम पिस्टल, चार मैगजीन और 36 जिंदा कारतूस मिले हैं। बरामद हथियारों में एक तुर्की निर्मित एफएक्स-9 पिस्टल और दूसरी ऑस्ट्रिया निर्मित ग्लॉक पिस्टल है।
एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के एडीजी दिनेश एम.एन. के अनुसार, लॉरेंस-आरजू बिश्नोई गिरोह से जुड़े पंजाब निवासी दो शार्प शूटरों को जोधपुर पुलिस ने चार दिन पहले गिरफ्तार किया था। दोनों पर 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित था। आरोपियों की पहचान जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सन्नी उर्फ कट्टा (23) और राजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला (23) के रूप में हुई है।
जोधपुर पुलिस ने दोनों शूटरों को 10 दिन के रिमांड पर लिया था और उन्हें एयरपोर्ट थाने में रखा गया था। पुलिस के आला अधिकारियों की कई दिनों से एयरपोर्ट थाने में आवाजाही बनी थी। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की साजिश के लिए हथियार छिपाकर रखने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस टीम दोनों आरोपियों को साथ लेकर पाली-सिरोही मार्ग पर पहुंची और उनकी निशानदेही पर हथियारों की तलाश शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, ढोला गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर आगे हाईवे के दाहिनी तरफ सुनसान स्थान पर हथियार छिपाए गए थे। हाईवे से करीब 200 मीटर अंदर घनी बबूल की झाड़ियों के बीच एक कपड़े की थैली रखी मिली। तलाशी लेने पर इसी थैली से दोनों पिस्टल और कारतूस बरामद हुए।
बरामद पहली पिस्टल 9 एमएम एफएक्स-9 है, जिस पर उसका नाम अंकित है। पुलिस के अनुसार यह पिस्टल तुर्की निर्मित है। इसके साथ एक छोटी और एक बड़ी मैगजीन मिली। दूसरी पिस्टल 9 एमएम ग्लॉक है, जो ऑस्ट्रिया निर्मित बताई गई है। इसके साथ भी एक छोटी और एक बड़ी मैगजीन बरामद हुई है। दोनों हथियारों के अलावा पुलिस ने 36 जिंदा 9 एमएम कारतूस भी जब्त किए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों शूटर जोधपुर में बड़ी वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे, इसके पहले ही हथियार पहुंचा दिए गए थे। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हथियारों की बरामदगी को जांच में अहम माना जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये अत्याधुनिक हथियार आरोपियों तक कैसे पहुंचे और इन्हें उपलब्ध कराने वाले लोग कौन हैं।
इसके साथ ही जांच एजेंसियां हत्या की सुपारी, शूटरों के जोधपुर पहुंचने और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की कड़ियां भी जोड़ रही हैं। पुलिस का कहना है कि हथियारों की बरामदगी से पूरी साजिश के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।