
-अविनाश केवलिया
Rajastan Medical Colleges Ragging: जोधपुर: बाड़मेर व जोधपुर मेडिकल कॉलेजों में एक बार फिर रैगिंग की शिकायतें सामने आने के बाद एंटी रैगिंग कानून और इसके पालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोसायटी अगेंस्ट वायलेंस इन एजुकेशन (सेव) की रिपोर्ट के आधार पर तैयार स्टेट ऑफ रैगिंग इन इंडिया रिपोर्ट के मुताबिक, देश में हर तीसरी रैगिंग मेडिकल छात्रों के साथ होती है। कुल रैगिंग के 38 प्रतिशत मामले मेडिकल छात्रों से जुड़े होते हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर जारी रैगिंग संबंधी रिपोर्ट के आंकड़े इस समस्या की भयावहता को सामने लाते हैं। वर्ष 2022 से 22 जुलाई 2026 तक रैगिंग के 4,827 मामले सामने आ चुके हैं। वर्ष 2022 से 2024 के बीच नेशनल एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर कुल 3,156 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें 38.6 प्रतिशत शिकायतें मेडिकल कॉलेजों से संबंधित थीं। यानी हर 100 शिकायतों में करीब 39 मेडिकल संस्थानों से जुड़ी थीं।
यह आंकड़ा इसलिए भी चिंताजनक है, क्योंकि देश के कुल उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों में मेडिकल छात्रों की हिस्सेदारी लगभग 1.1 प्रतिशत बताई गई है। मेडिकल शिक्षा के अलावा टेक्निकल कॉलेजों में भी रैगिंग के 417 मामले रिपोर्ट हुए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, रैगिंग से जुड़ी 51 मौतों में 45.1 प्रतिशत मामले मेडिकल कॉलेजों के थे। मेडिकल कॉलेजों में सीनियर-जूनियर के बीच वर्चस्व, परिचय के नाम पर दबाव, अनुचित व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। मेडिकल शिक्षा को अनुशासन, सेवा और मानवीय संवेदनाओं से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग की घटनाएं गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं।
| राज्य | मान |
|---|---|
| यूपी | 135 |
| प.बंगाल | 75 |
| मध्यप्रदेश | 63 |
| महाराष्ट्र | 53 |
| बिहार | 50 |
| कर्नाटक | 41 |
| ओडिशा | 36 |
| दिल्ली | 27 |
| वर्ष | देश | राजस्थान |
|---|---|---|
| 2022 | 655 | 32 |
| 2023 | 962 | 42 |
| 2024 | 1,084 | 54 |
| 2025 | 1,369 | 75 |
| 2026 (22 जुलाई) | 755 | 44 |