जोधपुर

राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की फिर से दी अंतरिम जमानत, इस वजह से मिली राहत; जानें कब तक

Rajasthan News: गुजरात और राजस्थान में नाबालिग से रेप के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 86 वर्षीय आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट ने एक बार फिर राहत दी है।
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Aug 11, 2025
Asaram
File Picture: Patrika

Rajasthan News: गुजरात और राजस्थान में नाबालिग से रेप के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 86 वर्षीय आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट ने एक बार फिर राहत दी है। हाईकोर्ट ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को आधार मानते हुए उनकी अंतरिम जमानत को 29 अगस्त 2025 तक बढ़ा दिया है। यह फैसला 8 अगस्त को दायर की गई उनकी अपील पर सुनवाई के बाद लिया गया। इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट ने भी स्वास्थ्य कारणों से उनकी अंतरिम जमानत को इसी तारीख तक बढ़ाया था।

मेडिकल रिपोर्ट्स पर कोर्ट का फैसला

आसाराम की ओर से उनके वकील निशांत बोड़ा ने हाल की मेडिकल रिपोर्ट्स कोर्ट में पेश की थीं। इन रिपोर्ट्स में उनकी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति का हवाला दिया गया था। कोर्ट ने इन दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया।

आसाराम वर्तमान में इंदौर के जूपिटर हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती हैं। गुजरात हाईकोर्ट के पिछले आदेश में सामने आया था कि उनके खून में 'ट्रोपोनिन लेवल' असामान्य रूप से उच्च है, जो हृदय से संबंधित गंभीर समस्याओं का संकेत देता है। उनके इलाज कर रहे चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को क्रिटिकल बताया है।

डॉक्टरों का पैनल गठित करने का आदेश

राजस्थान हाईकोर्ट के जज दिनेश मेहता और विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति की गहन जांच के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने अहमदाबाद के सरकारी अस्पताल में एक विशेषज्ञ चिकित्सक पैनल गठित करने का आदेश दिया है, जिसमें दो हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) शामिल होंगे।

यह पैनल आसाराम की बताई गई बीमारियों, खास तौर पर हृदय संबंधी समस्याओं की विस्तृत जांच करेगा। कोर्ट ने विशेष रूप से 'ट्रोपोनिन' की उच्च मात्रा पर ध्यान देने को कहा है, क्योंकि यह हृदय के लिए खतरनाक हो सकता है। इस पैनल को अपनी जांच पूरी कर जल्द से जल्द कोर्ट को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

आजीवन कारावास की मिली है सजा

आसाराम को 2018 में जोधपुर की एक विशेष अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके अलावा, गुजरात में भी एक अन्य दुष्कर्म मामले में उन्हें सजा सुनाई गई थी। इन मामलों में उनकी सजा को चुनौती देने वाली याचिकाएं विभिन्न अदालतों में लंबित हैं। हालांकि, उनकी खराब स्वास्थ्य स्थिति के कारण बार-बार अंतरिम जमानत की मांग की जा रही है, जिसे कोर्ट ने समय-समय पर मंजूर किया है।

Updated on:
11 Aug 2025 12:16 pm
Published on:
11 Aug 2025 12:16 pm