जोधपुर

होमगार्ड भर्ती में फर्जी प्रमाण पत्रों से बढ़ाए अंक, सत्यापन में खुला खेल; 2 अभ्यर्थियों के खिलाफ केस दर्ज

होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर अतिरिक्त अंक हासिल कर चयनित होने का मामला सामने आया है। दस्तावेज सत्यापन के दौरान दो अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए।
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Sep 30, 2026
Ratanada Police Station
Ratanada Police Station

जोधपुर। होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर अतिरिक्त अंक हासिल कर चयनित होने का मामला सामने आया है। दस्तावेज सत्यापन के दौरान दो अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए। जांच में एक अभ्यर्थी का आरएससीआइटी प्रमाण पत्र दूसरे के नाम पर जारी होना सामने आया, जबकि दूसरे का आइटीआइ प्रमाण पत्र सत्यापन में फर्जी पाया गया। गृह रक्षा प्रशिक्षण केंद्र, जोधपुर की ओर से दोनों के खिलाफ रातानाडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

गृह रक्षा विभाग के प्रशासनिक अधिकारी बृजपाल सिंह की ओर से दी गई रिपोर्ट के अनुसार होमगार्ड नामांकन प्रक्रिया के तहत 20 से 24 मार्च 2026 तक शारीरिक दक्षता परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया था। इसी दौरान दो अभ्यर्थियों के शैक्षणिक एवं तकनीकी प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी सामने आई।

दूसरे अभ्यर्थी के नाम का आरएससीआइटी प्रमाण पत्र लगाया

पहला मामला फलोदी के जैतसर निवासी खेमाराम पुत्र मोतीराम से जुड़ा है। दस्तावेज सत्यापन के दौरान उसने आरएससीआइटी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। विभागीय सत्यापन में प्रमाण पत्र पर दर्ज लर्नर कोड और रोल नंबर किसी अन्य अभ्यर्थी के दस्तावेज से संबंधित पाए गए। प्रमाण पत्र कूटरचित पाए जाने के बाद विभाग ने पुलिस को सूचना देकर खेमाराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।

आइटीआइ प्रमाण पत्र के सत्यापन में भी खुलासा

दूसरा मामला सेवकी कलां, बावड़ी निवासी रामपाल पुत्र लादूराम का है। रामपाल ने दस्तावेज सत्यापन के दौरान आइटीआइ प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। ऑनलाइन सत्यापन में प्रमाण पत्र पर दर्ज रोल नंबर का परीक्षा परिणाम दूसरे अभ्यर्थी के नाम पर मिला। जांच में सामने आया कि उक्त रोल नंबर से सोनू कुमार बेरवा पुत्र राम सिंह बेरवा ने परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद रामपाल की ओर से प्रस्तुत आईटीआई प्रमाण पत्र भी संदिग्ध पाया गया।

प्रमाण पत्रों के आधार पर मिले थे अतिरिक्त अंक

गृह रक्षा विभाग के अनुसार दोनों अभ्यर्थियों को प्रस्तुत प्रमाण पत्रों के आधार पर अतिरिक्त अंक दिए गए थे और उन्हें गृह रक्षा सदस्यता के लिए नामांकित किया गया था। दस्तावेज सत्यापन में प्रमाण पत्रों की वास्तविकता सामने आने के बाद विभाग ने दोनों मामलों में पुलिस कार्रवाई शुरू कराई है।

Updated on:
30 Sept 2026 10:05 am
Published on:
30 Sept 2026 10:04 am