
जोधपुर। Rajasthan High Court ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य सरकार से राज्य के पुलिस बेड़े में स्वीकृत और रिक्त पदों का ब्योरा मांगते हुए भर्तियां सुनिश्चित करने की समय सीमा बताने के निर्देश दिए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश जीआर मूलचंदानी की खंडपीठ ने Supreme Court के निर्देश पर स्वप्रेरणा से दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता करणसिंह राजपुरोहित को शपथ पत्र पेश करने को कहा, जिसमें इस आशय का विवरण दिया गया हो कि राज्य में वर्तमान में पुलिस बेड़े में विभिन्न संवर्गों के कितने पद स्वीकृत हैं और कितने पदों पर पुलिसकर्मी कार्यरत हैं। खंडपीठ ने रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की समय सीमा बताने के निर्देश देते हुए इस मामले में अधिवक्ता कुलदीप माथुर को न्याय मित्र नियुक्त किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने मनीष कुमार बनाम भारत संघ मामले में उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडू, बिहार, झारखंड तथा पश्चिम बंगाल में पुलिस महकमे में बड़ी संख्या में खाली पदों को लेकर सुनवाई की थी और इन राज्यों के गृह सचिव व पुलिस प्रमुखों को शीघ्रातिशीघ्र भर्तियां सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के ध्यान में लाया गया कि गुजरात, तेलंगाना तथा राजस्थान जैसे बड़े राज्यों में भी पुलिसकर्मियों के पद हजारों की संख्या में खाली हैं। राज्य वार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वप्रेरणा से जनहित याचिका दर्ज करते हुए गुरुवार को राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।