
जोधपुर.
आरबीआइ का फर्जी अधिकारी बनकर निजी इंश्योरेंस कम्पनी से बकाया क्लेम की राशि दिलाने का झांसा देकर नौ लाख रुपए एेंठने के मामले में कमिश्नरेट की साइबर सैल की मदद से बासनी थाना पुलिस ने पंजाब से एक शातिर ठग गिरोह के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ में कई वारदातें खुल सकती है।
थानाधिकारी दिलीप खदाव ने बताया कि मूलत: दक्षिण पश्चिम दिल्ली हाल पंजाब के मोहाली में सदर खरड़ थानान्तर्गत सनी व्यूह डीसूमाजा निवासी जितेन्द्र (४८) पुत्र जगदीशचन्द्र सूरी को गिरफ्तार कर सात दिन के रिमाण्ड पर लिया गया है। उससे गिरोह में शामिल अन्य ठगों व एेंठी गई राशि बरामद करने के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
बंद बैंक खाते से मिले सुराग
गोवर्धनलाल सोनी ने ७ जुलाई २०१७ को बासनी थाने में ठगी का मामला दर्ज कराया था। आरोप था कि आरबीआई का फर्जी अधिकारी बनकर एक व्यक्ति ने उसे कॉल किया था। सोनी को रिलायंस इंश्योरेंस कम्पनी से बीमा क्लेम की बड़ी राशि दिलाने का झांसा दिया। उसने ४२ हजार रुपए राशि जमा कराने को कहा। झांसे में आकर सोनी ने राशि बैंक खाते में जमा करा दी। शातिर ठगों ने उससे अलग-अलग बैंक खातों में ८,९७,३४० रुपए जमा करवा लिए। इसके बाद सभी के मोबाइल नम्बर बंद हो गए। साथ ही रुपए निकालकर खाते भी बंद करा दिए गए। पुलिस भी ठगों तक नहीं पहुंच सकी। पुलिस कमिश्नर जोस मोहन के निर्देश पर जांच साइबर सैल के एसआई दिनेश डांगी को सौंपी गई। तकनीकी पहलूओं से जांच के बाद बैंक खाते से जितेन्द्र सूरी का सुराग मिला। उसके पंजाब के मोहाली में होने की सूचना पर एसआई जेठाराम, हेड कांस्टेबल ईश्वर सिंह व कांस्टेबल दलाराम मोहाली से जितेन्द्र सूरी को पकड़कर जोधपुर लाए।