JDA Projects: जोधपुर में विकास कार्यों को लेकर जेडीए की समीक्षा बैठक में प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। कलक्टर ने सभी कार्य तय समय में पूरा करने और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
जोधपुर। शहर के विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति को लेकर शनिवार को जेडीए सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक संभागीय आयुक्त एवं कलक्टर आलोक रंजन की अध्यक्षता में हुई, जिसमें शहर के प्रमुख विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
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बैठक से पहले कलक्टर आलोक रंजन ने जेडीए के विभिन्न विभागों और उनके अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर चर्चा की। इसके बाद आयोजित समीक्षा बैठक में प्राधिकरण की ओर से संचालित विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कलक्टर ने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही सभी जोन के तहसीलदारों को कृषि भूमि पर किए गए अतिक्रमण और अवैध रूप से बसी आवासीय कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा। बैठक में जेडीए के बजट की स्थिति पर भी चर्चा करते हुए आय-व्यय और नफा-नुकसान का आकलन किया गया।
बैठक में शहर की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इनमें पाल रोड-नहर रोड चौराहे पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर, कायलाना झील पर प्रस्तावित म्यूजिकल फाउंटेन और लाइट शो, झालामंड क्षेत्र में 10 एमएलडी एसटीपी और सीवर नेटवर्क, बनाड़ रोड पर बीटी कार्य और बॉक्स ड्रेन निर्माण प्रमुख रहे। इसके अलावा नई सड़क और सोजती गेट क्षेत्र में मल्टीलेवल पार्किंग और ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम के निर्माण कार्यों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। विभिन्न नालों के निर्माण और जिले में सड़क निर्माण व मरम्मत कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जोधपुर मास्टर डेवलपमेंट प्लान 2031 के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई। जेडीए की आवासीय योजनाओं की प्रगति और विभिन्न परियोजनाओं की नीलामी प्रक्रिया पर भी विचार-विमर्श हुआ। कलक्टर ने संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
इसके अलावा धारा 90-ए से जुड़े मामलों, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, संपत्तियों के ट्रांसफर और सब्स्टीट्यूशन प्रकरणों तथा अभियांत्रिकी शाखा के कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलक्टर ने सभी प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों में पारदर्शिता और गति लाने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और विकास कार्य समय पर पूर्ण हो सकें।