जोधपुर

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के पीछे छूटे ये पांच सवाल, सबसे बड़ी गुत्थी अभी अनसुलझी, पुलिस ने जब्त की ‘महत्वपूर्ण’ वस्तु

5 Unsolved Secrets Of Sadhvi Death: पुलिस के सामने सबसे बड़ी अनसुलझी गुत्थी अभी यही है कि सुसाइड लैटर किसने पोस्ट किया था , फिलहाल हर पहलू की जांच की जा रही है।

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Jan 30, 2026
साध्वी प्रेम बाईसा। फाइल फोटो- पत्रिका नेटवर्क

Sadhvi Prem Baisa Death Mystery: राजस्थान की प्रसिद्ध साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक हुई मौत ने न केवल उनके अनुयायियों को झकझोर दिया है, बल्कि कई ऐसे अनसुलझे सवाल छोड़ दिए हैं जो अब रहस्य बन चुके हैं। पुलिस ने साध्वी का मोबाइल जब्त कर लिया है, लेकिन पांच ऐसी कड़ियां हैं जो इस मौत को सामान्य मानने से रोक रही हैं। मोबाइल फोन से इस केस के अधिकतर राज खुलने की बात कही जा रही है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी अनसुलझी गुत्थी अभी यही है कि सुसाइड लैटर किसने पोस्ट किया था, हालांकि इसमें पिता का नाम सामने आ रहा है, लेकिन हर पहलू की जांच की जा रही है।

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वो रहस्यमयी इंजेक्शन और खामोश पिता

बताया जा रहा है कि आश्रम में ही साध्वी को इंजेक्शन लगवाया गया था। सवाल यह है कि क्या इंजेक्शन गलत था? और यदि ऐसा था, तो पिता ने इंजेक्शन लगाने वाले के खिलाफ अब तक कोई शिकायत दर्ज क्यों नहीं कराई? वो कौन सा दवा थी, इस बारे में भी जांच की जा रही है।

पोस्टमार्टम से इनकार क्यों?

जब डॉक्टर ने शव को सरकारी मोर्चरी ले जाने के लिए एम्बुलेंस देने की पेशकश की, तो पिता ने उसे ठुकरा दिया और खुद की कार से शव को आरती नगर आश्रम ले आए। पिता की ओर से पोस्टमार्टम और पुलिस रिपोर्ट को लेकर दिखाई गई अनिच्छा ने संदेह को और गहरा कर दिया है।

मौत के 4 घंटे बाद 'सुसाइड नोट' वाली पोस्ट

सबसे हैरान करने वाला पहलू साध्वी के इंस्टाग्राम अकाउंट से उनकी मौत के करीब 4 घंटे बाद हुई एक पोस्ट है। इस पोस्ट में 'अंतिम सांस तक सनातन' और 'न्याय मिलेगा' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जो आत्महत्या की ओर इशारा करते हैं। सवाल यह है कि जब साध्वी की मृत्यु हो चुकी थी, तो यह पोस्ट किसने और किस मकसद से की?

'अग्नि परीक्षा' का वो जिक्र

साध्वी की आखिरी सोशल मीडिया पोस्ट में जिक्र है कि उन्होंने महान संतों को 'अग्नि परीक्षा' के लिए पत्र लिखा था। आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि उन्हें अपनी पवित्रता या अपने काम के लिए अग्नि परीक्षा देने की बात कहनी पड़ी?

"जीते जी नहीं तो मरने के बाद न्याय मिलेगा"

साध्वी ने लिखा, "मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा।" यह लाइन साफ बताती है कि वह किसी बड़े मानसिक दबाव या अन्याय से गुजर रही थीं। पुलिस अब उस मोबाइल के जरिए इन सभी राजों से पर्दा उठाने की कोशिश कर रही है।

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Updated on:
30 Jan 2026 11:48 am
Published on:
30 Jan 2026 11:30 am
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