जोधपुर

प्रभारी मंत्री की बैठक से पहले अफसरों पर चला कार्रवाई का डंडा

जिले के 9 विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस , राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में धीमी प्रगति सामने आने पर हुई कार्रवाई
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Jul 26, 2018
Show cause notices issued to 9 development officers in Jodhpur
प्रभारी मंत्री की बैठक से पहले अफसरों पर चला कार्रवाई का डंडा

पंचायतराज विभाग के कार्यों के धीमी गति के कारण सीओ ने जारी किए दिए नोटिस

जोधपुर.
प्रदेश में विधानसभा चुनाव की गतिविधि बढऩे के साथ ही सरकारी कामों में ढिलाई बरतने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई का डंडा चलना शुरू हो गया है। जोधपुर में शुक्रवार को प्रभारी मंत्री की प्रस्तावित बैठक से एक दिन पहले जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने जिले के 9 विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। जिन विकास अधिकारियों को नोटिस दिए गए हैं, उनकी पंचायत समिति क्षेत्र में पंचायत राज विभाग की योजनाओं की प्रगति बहुत ही धीमी है।

गौरतलब है कि गत सप्ताह ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री राजेंद्र राठौड़ की अध्यक्षता में पंचायत राज विभाग की योजनाओं की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक रखी गई थी। जिसमें जोधपुर जिला परिषद की राज्य वित्त आयोग पंचम एवं 14 वें वित्त आयोग योजना की प्रगति काफी निम्न स्तर पर पाई गई। इसको लेकर पंचायतराज मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई थी। बैठक में राठौड़ ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिए थे। एक दिन पहले प्रशासन व स्थापना समिति की बैठक में जिला प्रमुख पूनाराम चौधरी ने पंचायतराज की योजनाओं में औसत से भी कम प्रगति पर नाराजगी जताई थी। इस बीच शुक्रवार यानि 26 जुलाई को प्रभारी मंत्री सुरेन्द्र गोयल जोधपुर में जिले के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेंगे। प्रभारी बैठक से एक दिन पहले व राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए पंचायतराज मंत्री के आदेश की पालना में 8 दिन बाद जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अविचल चतुर्वेदी ने जिले की धीमी प्रगति वाली पंचायत समिति तिंवरी, पीपाड़, बिलाड़ा, लोहावट, देचू, बाप, मंडोर, बालेसर, लूणी के विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किए।

स्वीकृत कार्यों की प्रगति मात्र 20 प्रतिशत-
राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य वित्त आयोग पंचम एवं 14 वें वित्त आयोग के कार्यों की प्रगति रखी गई। जिसमें जोधपुर जिले की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार कुल स्वीकृत कार्यों में से 20 प्रतिशत ही कार्य पूर्ण हो पाए तथा शेष 80 प्रतिशत कार्य प्रगति पर चल रहे हैं। लंबे समय से लंबित कार्यों की यू. सी एवं सी.सी पेंडिंग पड़े रहने से कार्यव्यय के विरुद्ध समायोजित राशि बहुत कम है। ग्राम पंचायत स्तर पर हजारों स्वीकृत विकास के कार्य धरातल पर अधूरे एंव लबित पड़े होने के कारण गांवों में विकास नजर नहीं आ रहा है।

विकास कार्य प्रगति : एक नजर

राज्य वित्त आयोग पंचम-
कुल स्वीकृत कार्य-2350

प्रगतिरत-1799
पूर्ण-530

14 वां वित्त आयोग--

कुल स्वीकृत कार्य-1800
प्रगतिरत-1361

पूर्ण-429

इनका कहना है-
राज्य वित्त आयोग पंचम एवं 14 वें वित्त आयोग के कार्यों की प्रगति बहुत कम है। इसलिए संबंधित ब्लॉकों के विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

-अविचल चतुर्वेदी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद जोधपुर

Published on:
26 Jul 2018 06:15 am