जोधपुर जिला अदालत परिसर में अधिवक्ता और महिला पुलिस अधिकारी के बीच मामूली टक्कर ने विवाद का रूप ले लिया। दोनों पक्षों में माफी को लेकर तकरार हुई और अधिवक्ता हंगामा करने लगे।
जोधपुर। जिला अदालत परिसर में शुक्रवार को अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच एक मामूली सड़क दुर्घटना को लेकर विवाद खड़ा हो गया। जानकारी के अनुसार अदालत परिसर में एक अधिवक्ता की कार को महिला पुलिस अधिकारी की गाड़ी ने हल्की टक्कर मार दी, जिससे कार में मामूली क्षति हुई।
घटना के बाद दोनों पक्षों में तीखी तकरार हो गई। अधिवक्ता महिला पुलिस अधिकारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए उनसे माफी की मांग पर अड़ गए, जबकि महिला पुलिस अधिकारी ने माफी मांगने से इंकार कर दिया। सूत्रों के मुताबिक महिला पुलिस अधिकारी वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट संख्या 8 के न्यायालय में पहुंची थीं।
टक्कर की घटना के बाद अधिवक्ताओं में रोष फैल गया और उन्होंने अदालत परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया। घटना के चलते कुछ समय तक जिला अदालत परिसर में तनाव जैसी स्थिति बनी रही।
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गौरतलब है कि बीते दिसंबर महीने में भी कुड़ी भगतासनी थाने में पुलिस और वकील के बीच झड़प हो गई थी। अधिवक्ता से धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार करने के मामले में अधिवक्ताओं के आक्रोश व विरोध प्रदर्शन के चलते कुड़ी भगतासनी थानाधिकारी हमीर सिंह व कांस्टेबल (रीडर) नरेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया था।
दरअसल अधिवक्ता भरत सिंह राठौड़, अधिवक्ता पत्नी व एक-दो अन्य अधिवक्ता कुड़ी भगतासनी थाने गए थे, जहां बलात्कार पीड़िता के बयान दर्ज करवाए गए थे। सादे वस्त्र में रीडर नरेंद्र सिंह ने बयान लिए थे। इस दौरान आधार कार्ड की प्रतिलिपि लेने के दौरान अधिवक्ता व कांस्टेबल में नोक-झोंक हो गई थी।