जोधपुर

वसुदेव कुटुंबकम की भावना से ही वनबंधुओं का कल्याण

वनबंधु परिषद के 35वें चेप्टर का शुभारंभ
less than 1 minute read
The welfare of the Vanbandhas by the spirit of Vasudeva Kutumbakam
वसुदेव कुटुंबकम की भावना से ही वनबंधुओं का कल्याण

जोधपुर. ग्रामीण एवं वनवासी समाज के विकास के लिए समर्पित वन बंधु परिषद के 35वें चैप्टर की शुरुआत बुधवार को की गई।

रेजीडेंसी रोड स्थित होटल में आयोजित कार्यक्रम में परिषद के राष्ट्रीय संरक्षक पद्मश्री रामेश्वरलाल काबरा ने कहा कि वसुदेव कुटुंबकम की भावना से ही वन बंधुओं का कल्याण होगा। इसलिए सभी को मिलकर वन बंधुओं के हित में कार्य करना चाहिए।

इस अवसर पर काबरा का साफा व शॉल ओढाकर सम्मान किया गया। जोधपुर चैप्टर का संरक्षक आनंद राठी व बीएल सोनी को बनाया गया। अध्यक्ष सुरेश राठी, उपाध्यक्ष बीआर बंसीवाल और डॉ. रामगोपाल, सचिव विमला गट्टानी और कोषाध्यक्ष योगेश बिरला को पद की निष्ठा व गरिमा बनाए रखने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

मनोवैज्ञानिक सॉफ्टवेयर्स का उद्घाटन

जोधपुर. विशाखापट्टनम में 8वां इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑन स्कूल साइकॉलोजी कार्यक्रम हाल ही में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर जेएनवीयू के टेप्से व हेप्से केंद्र की डॉ नीता जैन व डॉ ऊषा चेलानी की ओर से बनाए गए सॉफ्टवेयर का आंध्र विवि के कुलपति प्रो जी नागेश्वर की ओर से उद्घाटन किया गया

। डॉ चेलानी की ओर से स्कूली विद्यार्थियों में पढ़ाई से संबंधित समस्याओं का पता लगाने के लिए सॉफ्टवेयर का निर्माण किया गया है। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से विद्यार्थी में व्याप्त शैक्षिक कमजोरी का पता आसानी से लगाया जा सकता है कि उसमें किस कक्षा के दौरान यह कमजोरी रह गई थी। वहीं डॉ जैन का बनाया सॉफ्टवेयर अभिभावक व बच्चे के संबंधों का मूल्याकंन करने का कार्य करता है।

इसके माध्यम से अभिभावकों को बच्चों की परवरिश के बारे में जानकारी मिलती है। इससे 4 से 15 साल तक के बच्चों की आदतों में सुधार किया जा सकता है। देश-विदेश से आए मनोवैज्ञानिकों ने इन दोनों के प्रयास की सराहना की।

Published on:
18 Oct 2018 01:18 am