जोधपुर की कायलाना झील पर गुरुवार एक युवती ने छलांग लगाकर जान देने की कोशिश की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। समय रहते पुलिस और गोताखोरों ने उसे बाहर निकालकर सीपीआर दिया, जिससे उसकी जान बच गई।
जोधपुर। शहर की कायलाना झील पर गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां मानसिक तनाव से जूझ रही एक युवती ने पानी में छलांग लगाकर जान देने की कोशिश की। मौके पर मौजूद गोताखोरों और पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई ने उसकी जिंदगी बचा ली। समय रहते बाहर निकालकर सीपीआर देने से युवती को नया जीवन मिल गया, जिसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया।
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झील पर तैनात गार्ड और कैमरामैन ने गश्त कर रही कालिका यूनिट की पुलिसकर्मियों को सूचना दी कि एक युवती पानी में कूद गई है। सूचना मिलते ही कांस्टेबल रूपा, सुगर, संगीता और अनु तुरंत मौके की ओर दौड़ीं। इसी दौरान स्पीड बोट संचालन से जुड़े सुरेश मेवाड़ा ने भी स्थिति को भांपते हुए गोताखोरों को अलर्ट किया।
पानी में डूबती युवती किनारे से काफी दूर थी, ऐसे में गोताखोर मदन सिंह, भागीरथ, नारायण और वेलाराम बिना देर किए स्पीड बोट लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवती को डूबते देखा तो तुरंत पानी में छलांग लगाई और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बाहर लाते ही कालिका यूनिट की टीम ने उसे सीपीआर दिया, जिससे उसकी सांसें वापस लौट आईं।
इसके बाद युवती को प्राथमिक रूप से संभालकर किनारे बैठाया गया और फिर मथुरादास माथुर अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना मिलने पर राजीव गांधी नगर थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची। पूछताछ के बाद युवती के परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद उसकी बड़ी बहन अस्पताल पहुंची और उसे साथ ले गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती कुछ देर पहले तक झील के पास मोबाइल पर बात करती नजर आ रही थी, इसलिए किसी को संदेह नहीं हुआ। अचानक वह झरने की दिशा में पहुंची और छलांग लगा दी। होश में आने के बाद युवती ने पुलिस को बताया कि एक परिचित लड़का और लड़की उसे लंबे समय से परेशान कर रहे थे और धमकियां दे रहे थे। इसी मानसिक दबाव से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और युवती के आरोपों की पुष्टि में जुटी है।