राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पहुंचे गृहनगर
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पत्रकारों से कहा विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग पर दबाव डाला है। हिमाचल प्रदेश और गुजरात में चुनाव तारीखों की घोषणा एक साथ होनी थी लेकिन भाजपा नेतृत्व की ओर से आयोग पर दबाव डालने से चुनाव की तारीख आगे पीछे करनी पड़ी। रविवार सुबह जोधपुर पहुंचे गहलोत ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए गुजरात चुनाव में भाजपा को सबक सिखाने की बात कही।
हार्दिक ने उठाया सीसीटीवी फुटेज लीक होने पर सवाल
उधर, पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) संयोजक हार्दिक पटेल के एयरपोर्ट के पास पांच सितारा होटल में रविवार रात जाने और सोमवार दोपहर को बाहर निकलने के सीसीटीवी फुटेज लीक होने पर हार्दिक ने भी सवाल उठाया है। हार्दिक ने मंगलवार को ट्विट के माध्यम से पूछा कि अपने हृदय पर हाथ रखें और बोलें कि मैने कोई गुनाह नहीं किया तो फिर सीसीटीवी फुटेज लीक कैसे? इससे पहले गुजरात प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी अशोक गेहलोत ने भी सीसीटीवी फुटेज के सामने आने पर सवाल उठाया था कि उनकी अपराधी की तरह जासूसी करवाई जा रही है।
हार्दिक पटेल ने स्पष्ट किया कि वे गहलोत से मिले थे। राहुल गांधी से भी जब मिलेंगे तो हिंदुस्तान को बताकर मिलेंगे। राहुल के आगामी गुजरात दौरे पर उनसे मिलेंगे। हार्दिक ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा जासूसी में माहिर है। संजय जोशी की सीडी और महिला की जासूसी के बाद अब मेरी जासूसी कर रहे हंैं। पास आंदोलनकारियों को खरीदने पर भी कहा कि विश्व की सबसे बड़ी मिसकॉल पार्टी को अपना सदस्य बनाने के लिए अब एक करोड़ देना पड़ रहा है।
हार्दिक ने वरुण पटेल और रेशमा पटेल की ओर से उन पर लगाए गए कांग्रेस के एजेंट होने के आरोप पर कहा कि जो लोग मुझे ऐसा कहते हैं वह खुद भाजपा के एजेंट हैं। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि भाजपा के लोग क्या बोलते हैं।
जिगनेश ने भी स्वीकारा गेहलोत से हुई मुलाकात
दलित नेता जिगनेश पटेल ने भी मंगलवार को स्वीकार किया कि उनकी सोमवार को एयरपोर्ट के पास एक होटल में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अशोक गेहलोत से मुलाकात हुई। बहुत जल्द आप सबको बड़ी खबर मिलेगी। भाजपा के कुशासन के अंत के लिए सबको एक साथ होना पड़ेगा।
नितिन ने आरोपों को खारिज किया, कहा- रूटीन मामला
उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने गुजरात कांग्रेस के प्रभारी अशोक गहलोत के सुरक्षा एजेंसियों के दुरुपयोगों को आरोपों को खारिज किया। पटेल ने कहा कि यह एक रूटीन मामला था जिसके तहत राहुल गांधी जैसे वीवीआईपी के रहने व मूवमेंट के दौरान सुरक्षा को लेकर जांच करना था। राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है। गहलोत ने कहा था कि भाजपा सरकार अपने विरोधियों पर सुरक्षा एजेंसियों का दुरुपयोग करते हुए निगरानी रख रही है। राजस्थान के पूर्व सीएम ने यह भी कहा कि हार्दिक पटेल के होटल का सीसीटीवी फुटेज का लीक होना कई सवाल खड़े करता है।
गहलोत ने ट्वीट में यह कहा था...
इससे पहले गुजरात प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी अशोक गहलोत ने भी सीसीटीवी फुटेज के सामने आने पर सवाल उठाया था कि वे होटल के जिस कमरे में ठहरे थे। वहां हार्दिक पटेल, जिगनेश मेवाणी से मिले उस होटल को इंटेलीजेंस ब्यूरो और पुलिस की ओर से चेक क्यों किया गया? क्या वे कोई अपराधी हैं? गांधी के गुजरात में यह क्या हो रहा है। क्यों सीसीटीवी फुटेज आईबी और पुलिस की ओर से लिए गए।
क्या यह गोपनीयता का अधिकार है? या यह अधिकार सिर्फ अकेले जय एवं अमित शाह का एकमात्र अधिकार है? उन्होंने ट्विट के जरिए भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस प्रकार से गुजरात भाजपा की ओर से उन पर व हार्दिक पटेल, जिगनेश पटेल पर निगरानी रखने की वह कड़ी निंदा करते हैं। गेहलोत ने कहा कि अल्पेश, हार्दिक और जिगनेश तीनों उनसे मिलते रहे हैं और आगे भी मिलते रहेगे। लेकिन आईबी को इनके पीछे क्यों लगा रखा है सरकार यह बताए?