जोधपुर

भंवरी देवी प्रकरण: अमरीका बताएगा नहर से बरामद हुई जली हड्डियां भंवरी देवी की ही थीं..!

भंवरी देवी अपहरण व हत्या प्रकरण  
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Updated: 13 Oct 2017, 10:58 AM IST
Bhanwari devi abduction and murder case
Bhanwari devi abduction and murder case

एससी एसटी कोर्ट में एएनएम भंवरीदेवी अपहरण एवं हत्याकांड मामले में गुरुवार को अभियुक्त इंद्रा विश्नोई सहित 11अभियुक्तों को पेश किया गया। गवाही देने के लिए अमरीका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन की डीएनए एक्सपर्ट अंबर बी कार के बयान होने हैं। इस विदेशी गवाह की विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए गवाही के लिए अभियोजन ने दरखास्त लगा रखी है।

वहीं बचाव पक्ष के वकीलों द्वारा आपत्ति दर्ज कराते हुए अर्जी दायर की हुई है। छह साल पुराने भंवरी देवी हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई ने दावा किया था कि राजीव गांधी लिफ्ट नहर से जो जली हड्डियां बरामद हुई थीं, वे भंवरी देवी की ही थीं, लेकिन एसएफएल इन हड्डियों से डीएनए निकालने में नाकाम रहा था। इसलिए सैंपल अमरीका स्थित एफबीआई को भेजे गए थे। वहां से रिपोर्ट मिल चुकी, लेकिन अब डीएनए एक्सपर्ट को कोर्ट में पेश हो कर यह जानकारी देनी है कि नहर में मिली हड्डियां भंवरी देवी की ही थीं। इस मामले में शुक्रवार को फिर सुनवाई होगी।

अभियोजन पक्ष ने पेश किए न्यायिक दृष्टांत


वहीं सलमान खान तथा अन्य फिल्मी सितारों के खिलाफ चल रहे काले हिरण शिकार मामले में गुरुवार को अभियोजन पक्ष की ओर से अंतिम बहस के दौरान बताया गया कि डॉ. नेपालिया के द्वारा दी गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अभियुक्तों को फायदा पहुंचाने की मंशा थी। इसलिए दुबारा मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया था, जिसमें शिकार की पुष्टि हुई। बाद में डॉ. नेपालिया के खिलाफ वन विभाग ने एफआईआर दर्ज करवाई थी। अभियोजन अधिकारी भवानीसिंह भाटी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जोधपुर जिला) देवकुमारकुमार खत्री के समक्ष कानूनी धाराओं, न्यायिक दृष्टांतों तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पेश कर अभियुक्तों द्वारा शिकार किए जाने का आरोप दोहराया। अभियोजन पक्ष ने भारतीय वन्यजीव अधिनियम के तहत जांच अधिकारी को दिए गए अधिकारों पर विस्तृत बहस की। समय के अभाव के कारण बहस अधूरी रही। आगे की सुनवाई 16 अक्टूबर को होगी।

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