याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता शीतल कुम्भट ने बताया कि 20 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र कपिल मालवीया 18 मई 2017 को घर से गायब हो गया था। इसके तुरंत बाद एफआइआर दर्ज कराई गई, लेकिन आज तक पुलिस ने इस मामले में गंभीरता से अनुसंधान नहीं किया। छात्र की मां ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की, लेकिन कोर्ट से जारी निर्देशों के बावजूद पुलिस सुराग नहीं लगा सकी।